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Lucknow News: प्रदेश में कई जगह आज से भारी बारिश के आसार
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साभार इंटरनेट
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लखनऊ। पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई मानसून वापसी के बीच इस सप्ताह उत्तर प्रदेश मेें कई जगह भारी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रमुख रूप से पूर्वांचल और मध्यांचल में मंगलवार को मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं जो चार-पांच दिन तक रहेगी। सोमवार को भी तराई क्षेत्र के जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। राजधानी लखनऊ में भी सोमवार को बूंदाबांदी के बीच तापमान 35.9 डिग्री से घटकर सीधे 30.4 डिग्री तक आ गया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार से पूर्वी यूपी में चार दिन तक लगभग सभी जिलों में मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में भी बारिश होगी लेकिन अपेक्षाकृत कम होगी। सोमवार को तराई क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई जिसमें से महाराजगंज जिले के नौतनवा में सबसे ज्यादा 135 मिमी बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह तक सिद्धार्थनगर में 64 मिमी, लखीमपुर खीरी के शारदानगर में 62.8 मिमी, बहराइच में 53.6 मिमी, बलिया में 48.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। सोमवार को हुई बारिश और बूंदाबांदी की वजह से तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिन बाद प्रदेश में बारिश का प्रभाव कम होना शुरू हो जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून ने 17 सितंबर की अपनी सामान्य तिथि के सापेक्ष तीन दिन पूर्व 14 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से वापसी शुरू कर दी है। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र तेलंगाना के ऊपर कमजोर पड़ गया है। उससे संबद्ध एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी विदर्भ के आसपास निचले क्षोभ मंडल में माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत है। पूर्वी बिहार के आसपास मध्य क्षोभ मंडल में माध्य समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी के बीच एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।यहां है भारी वर्षा होने की संभावना
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चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, संत रविदास नगर, जौनपुर, आजमगढ़, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर एवं आसपास के इलाकों में।
- यहां है मेघगर्जन/वज्रपात की संभावनाबांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती. बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।
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आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार से पूर्वी यूपी में चार दिन तक लगभग सभी जिलों में मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में भी बारिश होगी लेकिन अपेक्षाकृत कम होगी। सोमवार को तराई क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई जिसमें से महाराजगंज जिले के नौतनवा में सबसे ज्यादा 135 मिमी बारिश दर्ज की गई। सोमवार सुबह तक सिद्धार्थनगर में 64 मिमी, लखीमपुर खीरी के शारदानगर में 62.8 मिमी, बहराइच में 53.6 मिमी, बलिया में 48.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। सोमवार को हुई बारिश और बूंदाबांदी की वजह से तापमान में पांच से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिन बाद प्रदेश में बारिश का प्रभाव कम होना शुरू हो जाएगा।
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मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून ने 17 सितंबर की अपनी सामान्य तिथि के सापेक्ष तीन दिन पूर्व 14 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से वापसी शुरू कर दी है। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दाब क्षेत्र तेलंगाना के ऊपर कमजोर पड़ गया है। उससे संबद्ध एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी विदर्भ के आसपास निचले क्षोभ मंडल में माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत है। पूर्वी बिहार के आसपास मध्य क्षोभ मंडल में माध्य समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किमी के बीच एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।यहां है भारी वर्षा होने की संभावना
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- यहां है मेघगर्जन/वज्रपात की संभावनाबांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती. बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।