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रेलवे की 139 सेवा दे रही यात्रियों को गलत जानकारी
निशांत कुमार यादव/लखनऊ
Updated Sun, 22 Dec 2013 02:08 AM IST
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चौक के अकबरी गेट निवासी राहुल गुप्ता को परिवार के साथ ट्रेन नंबर 12226 कैफियत एक्सप्रेस से लखनऊ से आजमगढ़ जाना था।
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उन्होंने कोहरे में ट्रेन की स्थिति का लगाने के लिए रियल टाइम इन्फॉर्मेशन सिस्टम से जुड़ी 139 सेवा पर एसपीओटी व ट्रेन नंबर लिखकर मैसेज किया।
कुछ सेकंड में ही मोबाइल पर मैसेज आया कि ट्रेन सही समय पर चल रही है। राहुल लखनऊ जंक्शन पहुंच गए, यहां पहुंचने पर पता चला कि ट्रेन दो घंटे लेट है। इस बीच इंतजार और बढ़ा ट्रेन 3:40 घंटे लेट लखनऊ पहुंची।
रेलवे ने पिछले साल रियल टाइम इन्फॉर्मेशन सिस्टम को 139 सेवा से जोड़कर यात्रियों को कोहरे और दुर्घटनाओं के समय ट्रेनों की सटीक सूचना देने की योजना लागू की थी।
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एक मैसेज पर तीन रुपये खर्च करने के बाद भी यात्रियों को ट्रेनों की सही जानकारी नहीं मिल रही है।
दरअसल रियल टाइम इन्फॉर्मेशन सिस्टम सेटेलाइट के जरिए ट्रेनों से संबंधित सूचना सीधे नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) को भेजता है।
एनटीईएस पर सूचनाओं की गलत फीडिंग के कारण यात्रियों को 139 मैसेज पर सटीक सूचना नहीं दी जा रही है। यही नहीं रेलवे का रडार सिस्टम भी इंटरनेट पर ट्रेनों की गलत जानकारियां मुहैया करा रहा है।
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यात्रियों को 139 पर मैसेज करने से ट्रेन नंबर, उसके गुजरने वाले वर्तमान स्टेशन, ट्रेनों की गति, अगला ठहराव और ट्रेन के वहां पहुंचने के संभावित समय की जानकारी दी जाती है।
जबकि इन दिनों कोहरे के कारण अस्त व्यस्त हुए रेल संचालन की गलत जानकारियों ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पिछले एक सप्ताह के दौरान रोजाना कोहरे से करीब 40 से 50 ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। यात्री गलत सूचना के कारण कई घंटे तक गलन भरी ठंड में स्टेशन पर रात गुजारने को मजबूर हो रहे हैं।