रेलकर्मी ने तोड़ा दम, बाइक सवार बदमाशों ने मारी थी गोली, दो माह से मिल रही थीं धमकियां
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सीओ हजरतगंज ने बताया कि शहनवाज चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई नूर आलम की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। दूसरे भाई वकार और छोटा भाई बहार आलम के साथ शहनवाज और उसकी पत्नी सना और दो बच्चे गौसगंज स्थित पैतृक मकान में रहते हैं। इसमें चचेरे भाई ठाकुरगंज के सज्जादिया इमामबाड़ा निवासी व अधिवक्ता असकरी और उसके भाई-बहनों का भी हिस्सा है। बहार आलम के मुताबिक पैतृक मकान के अगले हिस्से में वह और उसके भाई रहते हैं, जबकि पीछे का हिस्सा असकरी का है। असकरी उनके हिस्से पर कब्जा करना चाहता है। कई बार वह उससे व भाइयों को कमरे खाली करने के लिए धमका चुका है। मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।
गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की कार्रवाई के आदेश
राजधानी में अवैध और लाइसेंसी असलहों की गरज-धमक पर लगाम कसने को एसएसपी ने सख्त तेवर अपनाए हैं। थानेदारों को असलहों से फायरिंग करने के सभी पुराने मामलों की सूची बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने कहा कि जिन वारदातों में असलहों का इस्तेमाल हुआ है, उनमें शामिल अपराधियों की सूची बनाकर चिह्नित किया जाए। वर्तमान में उक्त अपराधी कहां हैं और किस तरह की गतिविधियों में लिप्त हैं? इसका रिकॉर्ड रखा जाए। त्यौहारों के मद्देनजर उन्होंने सभी थानेदारों की बैठक बुलाई है। साथ ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एएसपी क्राइम दिनेश पुरी को लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए कहा।
वारदात में .30 बोर की पिस्टल इस्तेमाल की गई थी। ऐसी पिस्टल ज्यादातर प्रोफेशनल शूटर ही इस्तेमाल करते हैं। मौके से पुलिस को पांच खोखे मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच को भेजा गया है। एसएसपी ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। टीम बरामद खोखों का विश्लेषण कर रही है, जबकि क्राइम ब्रांच, एएसपी पूर्वी की सुपर 30, साइबर सेल और हुसैनगंज कोतवाली बदमाशों की कुंडली व सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।