आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समानांतर बनेगा सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर
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उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तथा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समानांतर सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। यह कॉरिडोर आगरा से लखनऊ-गाजीपुर होते हुए वाराणसी तक 800 किलोमीटर लंबा होगा।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते 4 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री पीयूष गोयल के बीच लखनऊ में सीएम आवास पर हुई बैठक में विभिन्न एक्सप्रेस-वे पर सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने पर चर्चा हुई। इसी दौरान आगरा से वाराणसी तक सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाने की कार्रवाई शुरू करने पर सहमति बनी।
प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी यूपीडा को दी गई है। यह कॉरिडोर यात्रियों के लिए होगा। इस पर मालवाहक रेलगाड़ियां नहीं चल सकेंगी। आने वाले दिनों में सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर नेटवर्क का विस्तार वाराणसी छोर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) तक और दूसरे छोर आगरा से दिल्ली तक करने की योजना है।
ये होगा कॉरिडोर का नेटवर्क
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे- 300 किमी.
लखनऊ रिंग रोड- 50 किमी.
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे- 340 किमी.
गाजीपुर से वाराणसी- 110 किमी.
एसपीवी बनाने का सुझाव
इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार और यूपीडा को शामिल कर एक स्पेशल परपज व्हीकिल (एसपीवी) गठित करने का प्रस्ताव है। सुझाव दिया गया है कि रेल कारीडोर के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली जमीन को प्रदेश सरकार अंश पूंजी के रूप में प्रयोग करने पर विचार कर सकती है। कारीडोर के लिए आवश्यक जमीन के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये सरकार को खर्च करना पड़ेगा।