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आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समानांतर बनेगा सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर

Sun, 07 Oct 2018 08:30 AM IST
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 07 Oct 2018 08:30 AM IST
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Railway corridor to be developed in uttar pradesh.

उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तथा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के समानांतर सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। यह कॉरिडोर आगरा से लखनऊ-गाजीपुर होते हुए वाराणसी तक 800 किलोमीटर लंबा होगा।

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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते 4 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री पीयूष गोयल के बीच लखनऊ में सीएम आवास पर हुई बैठक में विभिन्न एक्सप्रेस-वे पर सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने पर चर्चा हुई। इसी दौरान आगरा से वाराणसी तक सेमी हाई-स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनाने की कार्रवाई शुरू करने पर सहमति बनी।
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प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी यूपीडा को दी गई है। यह कॉरिडोर यात्रियों के लिए होगा। इस पर मालवाहक रेलगाड़ियां नहीं चल सकेंगी। आने वाले दिनों में सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर नेटवर्क का विस्तार वाराणसी छोर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) तक और दूसरे छोर आगरा से दिल्ली तक करने की योजना है।

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ये होगा कॉरिडोर का नेटवर्क

Railway corridor to be developed in uttar pradesh.
lucknow-agra expresssway - फोटो : amar ujala

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे- 300 किमी.
लखनऊ रिंग रोड- 50 किमी.
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे- 340 किमी.
गाजीपुर से वाराणसी- 110 किमी.

एसपीवी बनाने का सुझाव
इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार और यूपीडा को शामिल कर एक स्पेशल परपज व्हीकिल (एसपीवी) गठित करने का प्रस्ताव है। सुझाव दिया गया है कि रेल कारीडोर के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली जमीन को प्रदेश सरकार अंश पूंजी के रूप में प्रयोग करने पर विचार कर सकती है। कारीडोर के लिए आवश्यक जमीन के लिए करीब 3000 करोड़ रुपये सरकार को खर्च करना पड़ेगा।

राइट्स करेगी प्री-फिजिबिलिटी स्टडी

इस प्रोजेक्ट की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की संस्था राइट्स को देने की योजना है। राइट्स वर्तमान में दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कारीडोर की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी कर रही है। राइट्स ने 1.89 लाख रुपये प्रति कमी. पर स्टडी का प्रस्ताव किया था। संस्था ने विचार-विमर्श के बाद 1.75 लाख रुपये प्रति किमी. करने पर सहमति दे दी है। इस काम पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इसमें जीएसटी व अन्य कर शामिल नहीं हैं।
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