फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Raid in Lucknow in bike boat scam

यूपी: बाइक बोट घोटाले में लखनऊ में छापेमारी, 145 बाइक बरामद, दो हिरासत में

Sat, 05 Jun 2021 12:40 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 05 Jun 2021 12:40 AM IST
विज्ञापन
Raid in Lucknow in bike boat scam
bike bot case - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाइक बोट घोटाले में शुक्रवार रात कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच व पीजीआई थाने की संयुक्त टीम ने छापा डालकर निगोहां व मोहनलालगंज इलाके से 145 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। ये मोटरसाइकिलें एक शोरूम के बेसमेंट और एक घर में रखी गई थीं। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। 

विज्ञापन


पुलिस ने सूचना के आधार पर शुक्रवार रात रायबरेली रोड स्थित निगोहां के उदयपुर गांव के एक मकान में छापा डाला। वहां से बाइक बोट कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने वाले अमित अग्रवाल को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ के आधार पर मोहनलालगंज स्थित कार्यालय से 117 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
विज्ञापन


अमित के साझीदार कुलदीप शुक्ला के गांव बेहनवां से भी 28 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। उसे भी हिरासत में लिया गया। बरामद सभी मोटरसाइकिलें नीले रंग की हैं और उन पर बाइक बोट का स्टिकर लगा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लखनऊ में दर्ज हैं 15 से अधिक मुकदमे
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के खिलाफ राजधानी के गोमतीनगर, विभूतिखंड व गाजीपुर थाने में करीब 15 मुकदमें दर्ज हैं। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि बरामदगी की सूचना घोटाले की जांच कर रही एजेंसी ईओडब्ल्यू को दे दी गई है। आरोपियों को भी जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा। प्रदेश में इस जालसाजी से जुड़े गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ है। पुलिस के मुताबिक 4000 करोड़ के बाइक बोट घोटाले मेें कई लोगों को नामजद किया गया है।  

हेलो राइड नाम से सक्रिय हुआ था दूसरा गिरोह 

बाइक बोट घोटालेबाजों की बी टीम के रूप में एक अभय कुशवाहा नाम के बिल्डर ने हेलो राइड नाम की कंपनी खोली। उसके खिलाफ गोमतीनगर, विभूतिखंड, गाजीपुर, महानगर सहित कई थानों में करीब ढाई सौ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसने एक बाइक में निवेश करने पर एक साल के अंदर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देता था। उसने सैकड़ों लोगों से ठगी की। इसी आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर आते ही वह विदेश भाग गया।

ईडी व ईओडब्ल्यू को इतनी बड़ी खेप छिपने की सूचना तक नहीं
बहुचर्चित बाइक बोट घोटाले की जांच ईडी व ईओडब्ल्यू कर रही है। 4000 करोड़ के घोटाले की जांच करने वाले एजेंसियों को राजधानी में इतनी बड़ी खेप की सूचना तक नहीं लग सकी। जबकि इस चर्चित घोटाले से जुड़ी कंपनी की फ्रेंचाइजी की जानकारी दोनों एजेंसियों को थी। 

गर्वित इंफ्राटेक की ले रखी थी फ्रेंचाइजी
पुलिस हिरासत में अमित अग्रवाल ने बताया कि नोएडा की कंपनी गर्वित इंफ्राटेक की उसने फ्रेंचाइजी ले रखी थी। एग्रीमेंट में दो सौ से अधिक बाइक खरीदने का समझौता हुआ था। इसी बीच इस कंपनी पर घोटाले का आरोप लगाया। कंपनी ने एग्रीमेंट रद्द कर दिया। जिसके कारण बाइकें उनके ऑफिस के बेसमेेंट और निगोहां में जहां गोदाम बना रखा था। पुलिस ने देर रात करीब 9 बजे से छापेमारी शुरू की थी। जो देर रात तक चलती रही। दो स्थानों से बाइक बरामद होने के बाद कुछ अन्य स्थानों के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस टीम वहां दबिश दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed