राहुल गांधी का आना कैंसिल, धरा रह गया पीके का प्लान
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कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का यूपी के कार्यकर्ताओं के साथ होने वाला सम्मेलन खटाई में पड़ गया है। इस कार्यकर्ता सम्मेलन की रूपरेखा कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने रखी थी।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन होना था। अब सूबे में प्रदेश प्रभारी बदलने साथ ही संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव की चर्चा है। ऐसे में यह कार्यक्रम अब ठंडे बस्ते में चला गया है।
प्रशांत किशोर ने सभी विधानसभा सीटों से 20-20 सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची मांगी थी। इन्हीं नेताओं व सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ा सम्मेलन लखनऊ में होना था।
इसमें सूबे से करीब 30 हजार सक्रिय नेताओं व कार्यकर्ताओं को बुलाया जाना था। प्रशांत किशोर ने सूबे के कांग्रेसी युवाओं में जोश भरने के लिए यह कार्यक्रम तय किया था।
'पंजाब में व्यस्त होने के कारण टल गया था'
पहले यह मीटिंग मई में ही होनी थी। लेकिन पीके के पंजाब में व्यस्त होने के कारण इसे जून के पहले हफ्ते के लिए टाल दिया गया, लेकिन कांग्रेस संगठन इसकी तैयारियां ही नहीं कर सका। इसके बाद राज्यसभा व विधान परिषद के चुनाव आ गए। इन चुनावों में क्रॉस वोट के कारण पार्टी की खूब फजीहत हुई।
इसी को देखते हुए पार्टी हाईकमान ने सबसे पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री को हटाया। उनके स्थान पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद को लाया गया। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को भी हटाने की चर्चाएं चल रही हैं।
इससे नाराज वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री भी कोपभवन में चले गए हैं। ऐसे में राहुल गांधी का कार्यकर्ता सम्मेलन भी ठंडे बस्ते में चला गया है।
हालांकि कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के वाइस चेयरमैन वीरेंद्र मदान का कहना है कि पिछले दिनों पार्टी चुनाव में व्यस्त थी। राहुल गांधी का प्रस्तावित कार्यक्रम होगा। जल्द ही इसके लिए तारीख व स्थान तय कर दिया जाएगा।