यूपी में कांग्रेसी मिशन की शुरूआत करेंगे राहुल गांधी
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पार्टी से पूरी तरह छिटक चुके दलित वोट बैंक को फिर से सहेजने के लिए कांग्रेस सक्रिय हो गई है। दलित एजेंडे को धार देने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बृहस्पतिवार को राजधानी पहुंच रहे हैं।
लगभग सवा चार साल बाद उनके कदम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के दफ्तर में पड़ेंगे। राहुल पार्टी की ओर से आयोजित दलित कॉन्क्लेव में शिरकत करेंगे।
इस मौके पर दलितों को आगे बढ़ाने पर होने वाली चर्चा के निष्कर्षों पर लखनऊ घोषणा पत्र जारी किया जाएगा। इसे लेकर चुनाव में पार्टी दलितों के बीच जाएगी।
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में दलितों का समर्थन हासिल करने की छटपटाहट कांग्रेस में साफ दिख रही है। यही वजह है कि राहुल गांधी पार्टी के दलित नेताओं व कार्यकर्ताओं से संवाद करने खुद पीसीसी मुख्यालय पहुंच रहे हैं। इससे पहले 10 दिसंबर 2011 को राहुल के कदम पीसीसी में पड़े थे।
उपचुनाव में जीत से कांग्रेसी खेमे में जगी उम्मीद
सवा चार साल बाद उनके पार्टी कार्यालय में पहुंचने को लेकर कांग्रेसियों में खासा उत्साह है। इसकी एक वजह यह भी है कि विधानसभा की तीन सीटों के उपचुनाव में एक सीट कांग्रेस के खाते में आई है। कांग्रेसी इस जीत के आधार पर मुसलमानों का रुझान कांग्रेस की तरफ बढ़ने का दावा भी करने लगे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुसलमानों के साथ-साथ दलित वोटर भी पाले में खड़ा हो जाए तो प्रदेश में कांग्रेस एक बार फिर मजबूत हो सकती है।
बृहस्पतिवार को होने जा रहे कॉन्क्लेव में ऐसे मुद्दों पर चर्चा होगी जिसके जरिये कांग्रेस फिर से दलितों के बीच अपनी पैठ बना सके। मुकुल वासनिक, पीएल पुनिया, मधुसूदन मिस्त्री समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कुछ सेवानिवृत्त आईएएस भी अपनी राय रखेंगे। कॉन्क्लेव में पूरे प्रदेश से लगभग 800 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। दलित लीडरशिप को आगे बढ़ाने पर खास तौर पर चर्चा होगी।
राहुल गांधी शाम करीब सवा चार बजे पीसीसी पहुंचेंगे और कॉन्क्लेव में शिरकत करने के बाद लगभग पौने छह बजे वापस चले जाएंगे।