राहुल गांधी: अमेठी से मेरा 42 सालों का रिश्ता, मैं कहीं नहीं गया, मैं जितना रायबरेली का उतना अमेठी का भी
Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने अमेठी के लोगों के साथ इमोशनल रिश्ते की बात कही। अखिलेश यादव के साथ अमेठी में हुई जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने और अमेठी के बीच 42 साल पुराने रिश्ते की बात कही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेठी सीट से 2019 का चुनाव हारने के बाद बाद पहली बार राहुल गांधी ने अमेठी के लोगों से अपने रिश्तों पर बात की। अमेठी में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं 12 साल का था तब से यहां आ रहा हूं। मैंने अमेठी का वह समय देखा जब यहां बंजर खेत होते थे। टूटी हुई सड़कें होती थीं। मैंने अपनी आंखों से अमेठी को बदलते हुए देखा है। मैं अपने पिता के साथ यहां आता था। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि राजनीति में मैंने जो कुछ भी सीखा वह अमेठी से ही सीखा है।
भावुक लहजे में राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि मैंने अमेठी को छोड़ दिया है। मैं अमेठी का था, अमेठी का हूं और अमेठी का रहूंगा। यह रिश्ता एक दो सालों का नहीं है। हमेशा का है। कल को मैं रायबरेली का सांसद हो जाउंगा। लेकिन एक बात याद रखिएगा कि मैं जितना रायबरेली का हूंगा उतना ही अमेठी का हूंगा।
रायबरेली में जो भी विकास योजनाएं आएंगी वह सारी की सारी अमेठी में आएंगी। अमेठी में आपके सांसद केएल शर्मा जरूर होंगे लेकिन मैं भी आपका सांसद हूंगा। रायबरेली में यदि दस रुपए आते हैं तो यकीन मानिए कि अमेठी में भी दस रुपए आएंगे।
यह पहला मौका था जब राहुल गांधी ने 2019 का चुनाव हारने के बाद अमेठी से अपने रिश्ते की बात कही। कुछ महीने पहले जब राहुल भारत जोड़ो न्याय यात्रा में अमेठी से गुजरे थे तब उन्होंने अपने और अमेठी के रिश्ते पर एक शब्द बात नहीं की थी।
केएल शर्मा ने आपके लिए त्याग किया
राहुल गांधी ने कहा कि केएल शर्मा आपके प्रत्याशी हैं। इनको आप संसद में भेजिए। ये आपके मुद्दे उठाएंगे। केएल शर्मा में जरा भी अहंकार नहीं है। उन्होंने कि राजीव गांधी जब यहां सक्रिय हुई तो उन्होंने नेताओं की एक टीम बनाई। उस टीम की बहुत सारे लोग सरकार और संगठन के बड़े-बड़े पदों पर चले गए लेकिन शर्मा आपके बीच रह गए। उन्होंने चालीस साल तक आपके साथ संबंध बनाए रखा। आप इनके हाथों को मजबूत कीजिए।
राहुल को थी प्रत्याशी बनाने की मांग
इस बार के चुनाव में राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने की मांग कांग्रेसी कर रहे थे। हर कोई यह मानकर चल रहा था कि राहुल गांधी ही चुनाव लड़ेंगे। इसको लेकर धरना प्रदर्शन तक हुआ लेकिन, नामांकन के अंतिम दिन एकाएक किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बना दिया गया। हालांकि किशोरी लाल शर्मा गांधी परिवार के करीबी हैं। वह वर्ष 1983 से गांधी परिवार से जुड़े हुए हैं। उनके चुनाव प्रचार की कमान खुद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संभाल रखी है। यह बात अलग है कि राहुल गांधी के यहां से चुनाव न लड़ने को लेकर विपक्ष कई तरह के आरोप लगा रहा है।
इन सबके बीच शुक्रवार को यहां पर सभा करने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बोले। कहा कि अमेठी पहली बार वह 42 साल पहले आए थे। उस वक्त वह 12 साल के बच्चे थे। पिता राजीव गांधी के साथ आया था। कहा कि जो भी राजनीति में मैंने सीखा है, वह अमेठी की जनता ने मुझे सिखाया है। 12 साल की उम्र में आया था, उस समय यहां पर सड़कें नहीं थी, ऊसर जमीन थी कोई विकास नहीं था। कहा कि अमेठी का मेरे पिता से जो रिश्ता था, मोहब्बत थी। वह मैंने अपने आंखों से देखा था, वही मेरी भी राजनीति है।