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बजट भाषण के बाद अखिलेश का मोदी पर वार

Sat, 21 Jun 2014 12:28 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 21 Jun 2014 12:28 AM IST
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questions remained unanswered on budget

मुख्यमंत्री अखिलेश ने शुक्रवार को बजट पेश किया पर जब वह मीडिया के सामने आए तो हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा।

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हिंदी को तवज्जो दिए जाने के बाद प्रदेश में हिंदी को बढ़ावा देने से जुड़े सवाल पर सीएम ने कहा कि उन्होंने तो बजट ही हिंदी में पेश किया है।
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अखिलेश ने यह भी कहा कि पार्टी हमेशा से हिंदी, उर्दू, अरबी व अन्य सभी भारतीय भाषाओं को तवज्जो दिए जाने की पक्षधर रही है। सरकार ने उर्दू एकेडमी के बजट में प्रशिक्षण व पढ़ाने के लिए बजट का प्रावधान किया है।

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इन मुद्दों का नहीं कोई जवाब

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वहीं पेश किए गए बजट पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लैपटॉप, कन्या विद्याधन व बेरोजगारी भत्ता जैसी योजनाओं के लिए धन आवंटित नहीं कर पाने को लेकर बचाव की मुद्रा में नजर आए।

बजट पेश करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में इस बारे में किए गए सवाल को टालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बजट में गांव-गरीब व किसानों के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को तवज्जो दी है।

लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी दल को इन योजनाओं का फायदा न मिलने की बात कहते हुए सवाल किया गया तो मुख्यमंत्री ने उल्टा सवाल उछाला-क्या आप लोग गांव-गरीब और किसानों का हित नहीं चाहते?

सूबे की जनसंख्या का बड़ा हिस्सा गांवों में रहता है। सरकार ने गांव-गरीब और किसान को तवज्जो देने का फैसला किया है। इन पर संपूर्ण बजट का 75 फीसदी खर्च किया जाएगा।

छात्रों के लिए खास

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लैपटॉप व बेरोजगारी भत्ता को लेकर बार-बार सवालों के बावजूद सीएम ने इन योजनाओं को खत्म करने का जवाब हां या ना में देने से साफ इन्कार किया।

इसकी काट में उन्होंने ई-बुक्स, ई-लाइब्रेरी व समाजवादी पेंशन पर फोकस किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले चरण में लैपटॉप बांटकर सभी वर्ग के युवाओं को कंप्यूटर तकनीक से जागरूक किया। सभी इंटर कॉलेजों में कंप्यूटर लैब पहले से हैं। ऐसे में अब ई-बुक्स व ई-लाइब्रेरी को बढ़ावा दिया जाएगा जिसका सभी छात्र फायदा पाएंगे।

हालांकि इसके लिए मात्र 5 करोड़ रुपये का प्रावधान होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे इसमें बजट बढ़ेगा। बेरोजगारी भत्ता के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ अब तक केवल युवा पाते थे। पेंशन भी एक वर्ग तक सीमित थी।

अब सालाना 36 हजार या इससे कम आय वाले समस्त लोग समाजवादी पेंशन का लाभ पाएंगे। देश की सबसे बड़ी पेंशन योजना के रूप में इसका उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 40 लाख लोग इसका फायदा पाएंगे।

वित्तीय अनुशासन रहा कायम

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बजट में वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान दिया है। राजकोषीय घाटे को 2.97 प्रतिशत पर सीमित रखा गया है। 2014-15 के बजट में राजकोषीय घाटे को तीन प्रतिशत के भीतर नियंत्रित करने का लक्ष्य था। सरकार इसमें सफल रही है।
 
इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ स्वास्थ्य व शिक्षा पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तेजी से निवेश का दावा करते हुए कहा कि दिल्ली में हाल ही हुए निवेशक सम्मेलन में 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर समझौते हुए। अभी प्रदेश में एचसीएल काम कर रहा है, इन्फोसिस भी आने को तैयार है।

उन्होंने जोर दिया कि बिना अवस्थापना विकास के स्थायी विकास संभव नहीं है, इसलिए सरकार सड़क-बिजली-पानी के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा को तवज्जो देगी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, मेट्रो व आईटी सिटी पर तेजी से काम जारी रहेगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अन्य योजनाओं पर भी काम बढ़ेगा।

बुंदेलखंड को राहत नहीं

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बुंदेलखंड पैकेज में 750 करोड़ दिया जा चुका है। वहां ओले से नुकसान के लिए प्रदेश की ओर से हरसंभव मदद की गई है। पता चला है कि खराब बीज या समय से सिंचाई न हो पाने की वजह से किसानों की पूरी फसल नष्ट हो गई है। वे केंद्र सरकार से अतिरिक्त मदद के लिए बजट की मांग करेंगे।
 
लोकतंत्र सेनानियों की बढ़ेगी पेंशन
लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बढ़ाने का बजटीय प्रावधान न होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे पेंशन की रकम बढ़ाने पर विचार होगा।

हमारी प्राथमिकता जरूर बदली है, पर गांव-गरीब और किसान के लिए बजट में 75 फीसदी खर्च करने का फैसला किया है। इसका सभी को फायदा होगा।

अल्पसंख्यकों को पहले से ज्यादा पैसा

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अल्पसंख्यकों से जुड़ी योजनाओं को तवज्जो न दिए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए विभागीय बजट भी देखें। उसमें पहले से अधिक प्रावधान किया गया है।

हालांकि उन्होंने ‘हमारी-बेटी-उसका कल’ योजना के सवाल को अनसुना कर टाल दिया। साड़ी-कंबल योजना से जुड़े सवाल पर भी सीएम ने कान नहीं दिया।
 

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