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लोगों को रास नहीं आया पासपोर्ट अधिकारी का तबादला, विदेश मंत्रालय को जमकर सुनाई खरी-खरी

Sat, 23 Jun 2018 01:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 23 Jun 2018 01:09 AM IST
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public support of passport officer on social media
विकास मिश्र - फोटो : amarujala
पासपोर्ट विवाद में आरोपी बनाए जा रहे अधिकारी विकास मिश्र का पक्ष गुरुवार को सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर देश भर से उनके समर्थन में आम लोगों से लेकर जानी-मानी हस्तियां खड़ी हो गईं। लोगों ने पासपोर्ट अधिकारी पर हुई कार्रवाई को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।
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मालूम हो लखनऊ के रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट ऑफिस में अफसर विकास मिश्रा द्वारा मुस्लिम लड़के से शादी करने और फिर धर्म परिवर्तन करने की बात कहकर लड़की को अपमानित करने के मामले पर जमकर हंगामा हुआ था। दिन भर सोशल मीडिया पर यह मामला ट्रेंड करता रहा। ट्विटर पर  #IsupportVikasMishra नाम से हैशटैग भी शुरू किया गया।
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फिल्म मेकर अशोक पंडित (@ashokepandit) ने लिखा, विकास मिश्र के पक्ष को भी सुनने की जरूरत है, जिन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है। उनका तर्क अर्थपूर्ण है, वे एक ही महिला द्वारा दो नाम उपयोग करने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार है। हमें कैसे पता कि तन्वी के आरोप सही हैं, पासपोर्ट बनवाने के लिए वे झूठ भी बोल सकती हैं।
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इंजीनियर प्रीति पारु (@Pretty_Paru) ने लिखा, मेरा पासपोर्ट मेरी शादी के बाद के नाम पर आधारित है। इसके लिए मैंने शादी का सर्टिफिकेट दिखाया था। पासपोर्ट ऑफिसर विकास ने भी शादी का दस्तावेज मांगा था जो जरूरी होता है। तन्वी सेठ सादिया अनस बन चुकी थीं, उनके निकाहनामे में उनका मुस्लिम नाम है, दो पहचान क्यों रखी जाए?

पढ़ें, लोगों के ट्वीट

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पूरन अग्रवाल (@ppagarwal) ने विदेश मंत्री को ट्वीट करते हुए लिखा, तन्वी सेठ के दो नाम हैं, वे लखनऊ में नहीं रहतीं, एलआईयू जांच पूरी नहीं हुई, अधिकारी को अपना पक्ष रखने का भी मौका नहीं दिया गया।

वीके शर्मा (@VictoryForNamo) ने भी सुषमा स्वराज को टैग करते हुए लिखा, विकास मिश्र का गोरखपुर ट्रांसफर कर दिया गया है, बिना एलआईयू जांच एक घंटे में पासपोर्ट जारी करना विदेश मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, क्या यह न्याय है?

गौतम नेगी (@GautamNegi20) ने लिखा कि अगर विकास दोषी साबित होते हैं तो उन्हें सजा दी जाए, अन्यथा दंपती के पासपोर्ट वापस ले लिए जाएं।

संजना (@iSanjanaPatel) लिखती हैं कि कुछ ही घंटे में बिना जांच करवाए विकास मिश्र का ट्रांसफर कैसे किया जा सकता था? 
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