{"_id":"624883970d65e92aeb3a7408","slug":"public-hearing-at-chief-minister-residence-in-up-from-tomorrow-yogi-adityanath-congratulated-ramadan","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: मुख्यमंत्री आवास में जन सुनवाई कल से, योगी ने दी रमजान की बधाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: मुख्यमंत्री आवास में जन सुनवाई कल से, योगी ने दी रमजान की बधाई
Sun, 03 Apr 2022 12:13 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 03 Apr 2022 12:13 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र रमजान माह के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
विज्ञापन
Yogi Adityanath
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार उनके 5, कालिदास मार्ग आवास पर लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए पूर्व की भांति जनसुनवाई कार्यक्रम सोमवार 4 अप्रैल को सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी एनकेएस चौहान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जनसुनवाई कार्यक्रय में प्रत्येक सोमवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के राज्यमंत्री अजीत पाल, मंगलवार को कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख मौजूद रहेंगे। जन सुनवाई में आने वालों से कोविड गाइडलाइंस का पालन करने को कहा गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने दी रमजान की बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पवित्र रमजान माह के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि रमजान के पवित्र दिनों में रोजा, मानवता की सेवा, ईश्वर की बंदगी जैसे नेक कार्यों से धैर्य, आत्म अनुशासन, सहनशीलता, सादगी आदि मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। इससे परस्पर प्रेम और भाईचारे की भावना बलवती होती है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता की मिसाल है। इसी विरासत और परंपरा को अक्षुण्ण रखते हुए कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत लोग सभी सावधानियां बरतते हुए रमजान के दौरान धार्मिक कार्य संपन्न करें।