यूपी: मथुरा से निकलेगी प्रसपा की सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा, सियासी ताकत का एहसास कराएंगे शिवपाल यादव
शिवपाल सिंह यादव प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा निकालकर अपनी सियासी ताकत का एहसास कराने जा रहे हैं। मथुरा से यात्रा निकालने के पीछे सियासी ही नहीं धार्मिक व सांस्कृतिक संदेश देने का प्रयास भी है।
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प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा अब 12 अक्तूबर को मथुरा से निकलेगी। इस यात्रा के जरिए प्रसपा एक तरफ अपनी ताकत का अहसास कराएगी तो दूसरी तरफ जनमत जुटाने के अभियान में लगेगी। इसका नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव अंकुर करेंगे। हालांकि सभाओं को उनके पिता शिवपाल सिंह यादव भी संबोधित करेंगे।
प्रसपा ने सामाजिक परिवर्तन रथयात्रा निकालने के लिए लग्जरी बस मंगवाई है। इसमें बैठक से लेकर आराम करने तक का इंतजाम है। पहले 15 सितंबर के बाद यह यात्रा शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन पितृपक्ष व गठबंधन को लेकर चल रही हलचल की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया।
मथुरा से यात्रा निकालने के पीछे सियासी ही नहीं धार्मिक व सांस्कृतिक संदेश देने का प्रयास भी है। यही वजह है कि 12 अक्तूबर को सभी पार्टी पदाधिकारियों को मथुरा पहुंचने के लिए कहा गया है। यहां से निकलने वाली यात्रा फिरोजाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कन्नौज को जोड़ते हुए आगे बढ़ेगी। इस क्षेत्र में शिवपाल सिंह की गहरी पैठ भी मानी जाती है। फिलहाल एक अक्तूबर को बैठक बुलाई गई है। इसमें यात्रा के रूट व विस्तृत कार्ययोजना पर मुहर लगेगी।
गठबंधन पर साफ नहीं हो रही तस्वीर
सैफई परिवार में दखल रखने वालों का दावा है कि सपा व प्रसपा के बीच गठबंधन होना तय हैं, लेकिन कितनी सीटों पर होगा, इसे पर संशय बना हुआ है। प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह कुछ सीटों पर उम्मीदवार भी उतार चुके हैं। उनकी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात भी हो चुकी है। ओवैसी को सपा का धुर विरोधी माना जाता है। ऐसे में उनका गठबंधन सपा से होगा या किसी और से, अभी इसकी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है।