शिक्षकों पर चली लाठियां, कई घायल, एक का पैर टूटा!
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मांगों को लेकर विधानभवन घेरने की जिद पर अड़े पूरे सूबे से आए विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों पर चारबाग में पुलिस ने लाठियां बरसाईं। पुलिस की लाठी से करीब दो दर्जन शिक्षकों को चोटें आईं जबकि एक शिक्षक का पैर टूट गया।
पुलिस ने हंगामा कर रहे शिक्षकों को 8 बसों में ठूंसा और पुलिस लाइन पहुंचा दिया। जहां से देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं सचिव, मुख्यमंत्री ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को 17-18 दिसंबर तक मांगों पर शासनादेश जारी किए जाने का आश्वासन दिया।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पुरानी पेंशन नीति लागू करने और पुराना मूल वेतन 17,140 रुपये बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेश भर से आए पांच सौ से ज्यादा विशिष्ट बीटीसी शिक्षक शुक्रवार सुबह 10 बजे चारबाग में रविंद्रालय के पास इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। सुबह 11 बजे तक यहां जाम की नौबत आ गई।
हाथापाई और नोकझोंक पर उतरे शिक्षक
दोपहर 12 बजे शिक्षकों ने रविंद्रालय से विधानभवन तक मार्च करने का प्रयास किया और केकेसी तक आ गए। इस पर पुलिस व पीएसी ने उन्हें रोकने के लिए अपना घेरा मजबूत कर दिया। इस पर शिक्षक पीछे हटे और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें हटाने का प्रयास किया तो वे हाथापाई और नोकझोंक पर उतर आए। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी। शिक्षकों को घसीट कर आठ बसों में ठूंसना शुरू कर दिया।
पुलिस ने 260 शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए शिक्षकों में से अधिकतर को पुलिस लाइन ला कर बैठाया गया वहीं कुछ को चिनहट ले जाकर छोड़ दिया गया। पुलिस लाइन से देर शाम सभी को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
इलाज कराया और फिर चारबाग आ डटे
लाठी लगने से दो दर्जन शिक्षक घायल हो गए। महाराजगंज के सत्य प्रकाश सिंह के पैर की हड्डी टूट गई। सत्य प्रकाश को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन वे प्राथमिक उपचार के बाद फिर चारबाग आ डटे।
प्रशासन ने पहले से ही कर ली थीं तैयारियां
विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के धरना प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को चारबाग से लेकर हजरतगंज तक भारी ट्रैफिक जाम की आशंका थी। इसके मद्देनजर ट्रैफिक डायवर्जन करने की भी घोषणा कर दी गई थी।
सुबह से ही भारी पुलिस बल चारबाग रेलवे स्टेशन के पास तैनात कर दिया गया था। जैसे ही शिक्षक इकट्ठा हुए पुलिस ने उन्हें घेरे में ले लिया और हंगामा बढ़ते ही गिरफ्तार कर लिया।
प्रतिनिधिमंडल ने की सचिव मुख्यमंत्री से वार्ता
प्रशासन की वार्ता के बाद एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सचिव मुख्यमंत्री अनिता सिंह से मिला।
प्रदेश सचिव रमेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि अनिता सिंह ने सभी मांगों को सुना और पुरानी व्यवस्था लागू करने का भरोसा दिया। त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने 17-18 दिसंबर तक शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया है।
अगर आश्वासन के बाद एसोसिएशन की दस सूत्री मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक फिर आंदोलन करेंगे।