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कनेक्शन तो मुफ्त, लेकिन बीपीएल उपभोक्ताओं के बिजली दरों में सबसे ज्यादा 53 फीसदी बढ़ोतरी की तैयारी
Mon, 17 Jun 2019 09:38 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 17 Jun 2019 09:38 AM IST
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प्रदेश के गरीब परिवारों को सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में बिजली कनेक्शन देने के बाद उप्र पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन अब उन्हें बिजली दर में बड़ा झटका देने की तैयारी में है।
कारपोरेशन की ओर से दो दिन पहले उप्र विद्युत नियामक आयोग में वर्ष 2019-20 के लिए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में बढ़ोतरी के लिए जो प्रस्ताव दाखिल किया गया है, उसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी बीपीएल उपभोक्ताओं के बिल में ही की गई है।
प्रस्ताव के मुताबिक, बीपीएल की बिजली दर में करीब 53 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रस्तावित बिजली दर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गरीब बीपीएल परिवार को एक बार फिर से लालटेन युग में धकेलने की साजिश है।
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बता दें कि वर्ष 2018-19 में जब ग्रामीण अनमीटर्ड घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी की गई थी, तो पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने दलील दी थी कि अक्तूबर-2018 से ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
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कारपोरेशन की ओर से दो दिन पहले उप्र विद्युत नियामक आयोग में वर्ष 2019-20 के लिए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में बढ़ोतरी के लिए जो प्रस्ताव दाखिल किया गया है, उसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी बीपीएल उपभोक्ताओं के बिल में ही की गई है।
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प्रस्ताव के मुताबिक, बीपीएल की बिजली दर में करीब 53 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रस्तावित बिजली दर पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गरीब बीपीएल परिवार को एक बार फिर से लालटेन युग में धकेलने की साजिश है।
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बता दें कि वर्ष 2018-19 में जब ग्रामीण अनमीटर्ड घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में बढ़ोतरी की गई थी, तो पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन ने दलील दी थी कि अक्तूबर-2018 से ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
इसलिए 1 अप्रैल 2019 से ग्रामीणों की अनमीटर्ड दरों को 300 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिमाह किया गया है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली तो मिली नहीं, पर बढ़ा हुआ दर देना पड़ रहा है। अब एक बार फिर से उनके बिजली दर को 400 से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव देकर गांव के गरीब उपभोक्ताओं को बिजली दर का बोझ बढ़ाने की तैयारी है।
प्रस्तावित बिजली दर पर आपत्ति जताते हुए विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि यह ग्रामीण और बीपीएल उपभोक्ताओं व किसानों के साथ बड़ा धोखा है।
उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट से लेकर 5 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली दरों का आकलन करने से पता चला है कि फिक्स चार्ज व यूनिट चार्ज के नाम पर बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ लगातार अन्याय कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिजली दर के मुद्दे पर जल्द ही प्रदेश भर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इसके लिए उनकी किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश सिंह टिकैत से भी वार्ता हुई है। दोनों संगठन साझा मंच बनाकर आंदोलन शुरू करेंगे। वहीं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद केप्रतिनिधियों को सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया है।
प्रस्तावित बिजली दर पर आपत्ति जताते हुए विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि यह ग्रामीण और बीपीएल उपभोक्ताओं व किसानों के साथ बड़ा धोखा है।
उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट से लेकर 5 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली दरों का आकलन करने से पता चला है कि फिक्स चार्ज व यूनिट चार्ज के नाम पर बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ लगातार अन्याय कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिजली दर के मुद्दे पर जल्द ही प्रदेश भर में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इसके लिए उनकी किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश सिंह टिकैत से भी वार्ता हुई है। दोनों संगठन साझा मंच बनाकर आंदोलन शुरू करेंगे। वहीं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद केप्रतिनिधियों को सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाया है।
घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिजली दर में इस तरह से बढ़ोतरी का प्रस्ताव
यूनिट (घरेलू ) वर्तमान रेट (घरेलू, शहरी) प्रस्तावित दर 2019-20 बढ़ोतरी प्रतिशत
बीपीएल1 कि.वा 100 यूनिट, खर्च 350 रुपये खर्च 535 रुपये 53 प्रतिशत
1 कि.वा 100 यूनिट, खर्च 590 रुपये खर्च 730 रुपये 23 प्रतिशत
2 कि.वा 200 यूनिट,खर्च1205 रुपये खर्च1455 रुपये 21 प्रतिशत
3 कि.वा 300 यूनिट, खर्च1845 रुपये खर्च 2235 रुपये 22 प्रतिशत
4 कि.वा 400 यूनिट,खर्च 2565 रुपये खर्च 3045 रुपये 19 प्रतिशत
5 कि.वा 500 यूनिट, खर्च 3285 रुपये खर्च 3855 रुपये 16 प्रतिशत
ग्रामीण अनमीटर्ड 400 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह 500 रुपये प्रतिमाह 25 प्रतिशत
बीपीएल1 कि.वा 100 यूनिट, खर्च 350 रुपये खर्च 535 रुपये 53 प्रतिशत
1 कि.वा 100 यूनिट, खर्च 590 रुपये खर्च 730 रुपये 23 प्रतिशत
2 कि.वा 200 यूनिट,खर्च1205 रुपये खर्च1455 रुपये 21 प्रतिशत
3 कि.वा 300 यूनिट, खर्च1845 रुपये खर्च 2235 रुपये 22 प्रतिशत
4 कि.वा 400 यूनिट,खर्च 2565 रुपये खर्च 3045 रुपये 19 प्रतिशत
5 कि.वा 500 यूनिट, खर्च 3285 रुपये खर्च 3855 रुपये 16 प्रतिशत
ग्रामीण अनमीटर्ड 400 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह 500 रुपये प्रतिमाह 25 प्रतिशत