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दस साल बाद याद आया संपत्तियों का क्षेत्रफल
प्रवेंद्र/लखनऊ
Updated Mon, 07 Oct 2013 02:28 AM IST
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देर से ही सही नगर निगम ने मकान-दुकान के क्षेत्रफल का ब्योरा कम्प्यूटर में फीड करने का निर्देश दिया है। विवरण दर्ज न होने से ऑनलाइन गृहकर निर्धारण में दिक्कत आ रही है।
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दरअसल दस साल पहले नगर निगम में गृहकर जमा करने व बिल जारी करने की व्यवस्था को कम्प्यूटरीकृत किया गया था। तब से ब्योरा दर्ज नहीं किया जा रहा है।
गृहकर निर्धारण के लिए मकान-दुकान के क्षेत्रफल का पता होना जरूरी है। बिल देख कर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि मकान या दुकान कितनी बड़ी है।
ब्योरा दर्ज न होने के कारण नई दरों केआधार पर लोग खुद ऑनलाइन गृहकर का निर्धारण नहीं कर पा रहे थे। इस बारे में नगर निगम कोे कई शिकायतें भी मिलीं।
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि वर्ष 2002-03 में नगर निगम स्वकर प्रणाली लागू हुई थी और उसी समय कम्प्यूटरीकरण भी किया गया था।
अब तक कम्प्यूटर में गृहकर का जो विवरण दर्ज किया जाता था, उसमें संपत्ति का वार्षिक किराया मूल्यांकन और गृहकर तो रहता था।
मगर यह नहीं रहता था कि यह टैक्स कितनी क्षेत्रफल की संपत्ति पर लगाया गया है। इस कमी के कारण गृहकरदाता कम्प्यूटर पर विवरण देख खुद अपना गृहकर निर्धारण नहीं कर पा रहे थे। इस कमी को दूर कराया जा रहा है।
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सभी कर निरीक्षकों को अभियान के तौर पर सभी संपत्तियों का क्षेत्रफल कम्प्यूटर में फीड करने का निर्देश जारी किया है। क्षेत्रफल दर्ज कराने के साथ ही अब यह भी दर्ज कराया जा रहा कि गृहकर निर्धारण किस वर्ष में किया गया।
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