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हाईटेक होंगे मदरसे, ब्लैक बोर्ड की जगह प्रोजेक्टर पर मिलेगी तालीम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:28 AM IST
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मदरसा बोर्ड परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के मदरसों में छात्र अब ब्लैक बोर्ड की जगह प्रोजेक्टर पर आधुनिक विषयों के साथ दीनी तालीम हासिल करेंगे। मदरसों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के बाद योगी सरकार उनको हाईटेक बनाने के लिए सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास शुरू करवाने की तैयारी कर रही है। योजना पर 20 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
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मदरसा छात्रों की प्राइमरी शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष-1993 में मदरसा आधुनिकीकरण योजना शुरू की थी। इसके तहत शिक्षक कक्षा एक (तैतानिया) से हाईस्कूल (आलिया) तक मदरसों में छात्रों को विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, गणित, सामाजिक विषय, कंप्यूटर जैसे विषयों की शिक्षा दी जाती है।
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मदरसा बोर्ड से प्रदेश भर में तहतानियां, फौकानियां, आलिया व उच्च आलिया स्तर के मान्यता प्राप्त 19,143 मदरसे हैं। इनमें 560 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं। जबकि, 8534 में मदरसा आधुनिकीकरण योजना का संचालन किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत मदरसा आधुनिकीकरण योजना वाले मदरसों को हाईटेक बनाने के लिए स्मार्ट क्लास शुरू की जा रही है। इसमें मदरसों के छात्र ब्लैक बोर्ड की जगह प्रोजेक्टर पर आधुनिक विषयों के साथ दीनी तालीम हासिल करेंगे।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडेय ने बताया कि आधुनिकीकरण योजना वाले मदरसों में आधुनिक विषयों के शिक्षक पहले से ही हैं। इसलिए शिक्षकों के बजट की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। सभी मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसों में आधुनिकीकरण योजना संचालित है। जिन मदरसों में ढांचागत सुविधाएं होंगी, उनको भी इसमें शामिल किया जाएगा।
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एक स्मार्ट क्लास रूम पर खर्च होंगे 2.76 लाख रुपये
पांडेय ने बताया कि प्रति स्मार्ट क्लास रूम में प्रोजेक्टर, कंप्यूटर सिस्टम व फर्नीचर पर 2.76 लाख रुपये खर्च होंगे। एक मदरसे में पांच से 10 स्मार्ट क्लास रूम बनेंगे। प्रदेश के सभी आधुनिकीकरण योजना वाले मदरसों को इस संबंध में अपनी इमारत के मुताबिक प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है। करीब 450 मदरसों ने नौ करोड़ 21 लाख के प्रस्ताव भेज भी दिए हैं।