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नए पदों के सृजन, नए वाहनों की खरीद पर रोक, कई खर्चों में 25 फीसदी कटौती
Mon, 18 May 2020 11:49 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 18 May 2020 11:49 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर घोषित लॉकडाउन के दौरान राजस्व में अप्रत्याशित कमी का हवाला देते हुए चालू वित्त वर्ष में नए पदों के सृजन व नए वाहनों की खरीद पर रोक तथा सरकारी अफसरों के एग्जीक्यूटिव व बिजनेस क्लास की हवाई यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
इसके अलावा यात्रा, कार्यालय व स्टेशनरी सहित कई खर्चों में 25 प्रतिशत कटौती का फैसला किया है। अपरिहार्य रूप से आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर नए प्रस्तावित निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है।
अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों तथा समस्त विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों को महामारी की रोकथाम व जनहित के अन्य कार्यों के लिए संसाधनों के समुचित उपयोग व कैश प्रबंधन के संबंध में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। ये निर्देश सभी सरकारी विभागों व कार्यालयों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, प्राधिकरणों तथा राज्य विश्वविद्यालयों पर भी लागू होंगे।
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इसके अलावा यात्रा, कार्यालय व स्टेशनरी सहित कई खर्चों में 25 प्रतिशत कटौती का फैसला किया है। अपरिहार्य रूप से आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर नए प्रस्तावित निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है।
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अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने शासन के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों तथा समस्त विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों को महामारी की रोकथाम व जनहित के अन्य कार्यों के लिए संसाधनों के समुचित उपयोग व कैश प्रबंधन के संबंध में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। ये निर्देश सभी सरकारी विभागों व कार्यालयों के साथ-साथ स्थानीय निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, प्राधिकरणों तथा राज्य विश्वविद्यालयों पर भी लागू होंगे।
ये महत्वपूर्ण निर्देश
- प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से कई योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं में केंद्रांश प्राप्त होते ही विभाग को उपलब्ध करा दिया जाता है। वर्तमान विशेष परिस्थितियों में केंद्रांश के सापेक्ष राज्यांश की धनराशि आवश्यकतानुसार चरणों में उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रदेश के विकास को लेकर प्रदेश सरकार कई योजनाएं अपने बजट से चला रही है। विभिन्न विभाग ऐसी योजनाओं की समीक्षा कर लें तथा उन्हीं योजनाओं को चालू वित्तीय वर्ष में क्रियान्वित करें जो अपरिहार्य प्रतीत होती हैं। जो अपरिहार्य न हों उन्हें वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्थगित किए जाने पर विचार कर लिया जाए।
- बजट में उपलब्ध धनराशि का उपयोग ऐसे निर्माण कार्यों में ही किया जाए जो शुरू किए जा चुके हैं। सीमित संसाधनों को देखते हुए केवल ऐसे निर्माण कार्य शुरू किए जाएं तो अपरिहार्य व अत्यंत आवश्यक हों।
- विभागीय कार्यप्रणाली में बदलाव तथा सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग बढ़ने से अनेक पद वर्तमान परिवेश में अप्रासंगिक हो गए हैं। विभाग ऐसे पदों को चिह्नित कर समाप्त करें। इन समाप्त किए जाने वाले पदों पर यदि कोई कर्मचारी कार्यरत है, तो उसे विभाग में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभाग नए पदों का सृजन न करें।
- विभिन्न विभागों में सलाहकार, अध्यक्ष व सदस्य आदि के पदों पर नियुक्ति की जाती है। इन पदों के लिए सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था के लिए कोई नया पद सृजित नहीं किया जाएगा। सहयोगी स्टाफ की व्यवस्था सरप्लस स्टाफ या आउटसोर्सिंग से की जाएगी।
- कार्यालय व्यय, यात्रा व्यय, स्थानांतरण यात्रा व्यय, अवकाश यात्रा सुविधा, कंप्यूटर अनुरक्षण, स्टेशनरी खरीद, छपाई और प्रकाशन, विज्ञापन व प्रसार तथा वर्दी मद के खर्च में 25% की कमी की जाए।
- नए वाहन खरीदने पर पूरी तरह रोक। सरकारी वाहनों के रखरखाव व पेट्रोल-डीजल पर होने वाले खर्च का दुरुपयोग रोका जाए। खर्च में कमी की जाए।
- सरकारी कार्यों के लिए यात्राओं को न्यूनतम रखा जाए। जहां तक संभव हो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठकें की जाएंगी।
- जो अधिकारी हवाई यात्रा के लिए अधिकृत हैं, वे केवल इकोनॉमी क्लास में ही यात्रा करेंगे। चालू वित्तीय वर्ष में एग्जीक्यूटिव व बिजनेस क्लास की यात्रा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
- सम्मेलन, सेमिनार व कार्यशाला आदि का आयोजन सरकारी भवनों व परिसरों में ही किया जाएगा। किसी भी दशा में ऐसे आयोजन होटल आदि में नहीं होंगे।