अयोध्या: रामकथा संग्रहालय की बिजली व्यवस्था पर खर्च होंगे 20 करोड़, अग्रिम भुगतान अटकने से फेज-3 का काम सुस्त
अयोध्या में रामकथा संग्रहालय की बिजली व्यवस्था पर 20 करोड़ खर्च होंगे। यहां 1600 केवीए का पावर स्टेशन स्थापित होगा। दूसरी तरफ अग्रिम भुगतान अटकने से फेज-3 का काम सुस्त हो गया। गैलरियों की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित है। आगे पढ़ें विस्तार से...
विस्तार
रामनगरी अयोध्या में रामकथा संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना में बिजली व्यवस्था पर ही करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संग्रहालय परिसर की बढ़ती विद्युत जरूरत को देखते हुए यहां 1600 केवीए क्षमता का पावर स्टेशन स्थापित किया जाना है। इसके साथ ही सभी गैलरियों, प्रदर्शनी स्थलों और अन्य हिस्सों में विद्युत आपूर्ति के लिए आधुनिक सिस्टम विकसित किया जाएगा।
रामकथा संग्रहालय के सुंदरीकरण और आधुनिकीकरण के फेज-3 में विद्युत व्यवस्था महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत संग्रहालय की गैलरियों में लगाए जाने वाले डिस्प्ले, डिजिटल स्क्रीन, ऑडियो-विजुअल सिस्टम, प्रकाश व्यवस्था और अन्य तकनीकी उपकरणों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग क्षमता का पावर स्टेशन तैयार किया जा रहा है।
गैलरियों के अंदर होने वाले विद्युत कार्यों पर भी असर
हालांकि कार्यदायी संस्थाओं को अग्रिम भुगतान न मिलने के कारण फेज-3 के कई कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई है। इसका असर गैलरियों के अंदर होने वाले विद्युत कार्यों पर भी पड़ा है। बिजली की केबलिंग, पैनल, वितरण व्यवस्था और अन्य तकनीकी इंस्टॉलेशन से जुड़े काम संबंधित सिविल व इंटीरियर कार्यों की प्रगति के साथ आगे बढ़ने हैं।
भुगतान में देरी से इन कार्यों की टाइमलाइन भी प्रभावित हो रही है। फेज-3 में सुंदरीकरण के साथ तकनीकी कार्य भी जुड़े हैं। ऐसे में सिविल, इंटीरियर, विद्युत और डिजिटल इंस्टॉलेशन के काम एक-दूसरे पर निर्भर हैं। संग्रहालय में प्रस्तावित 20 गैलरियों को आधुनिक म्यूजियम तकनीक के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
पावर स्टेशन से बढ़ेगी क्षमता
1600 केवीए के पावर स्टेशन से संग्रहालय को आवश्यक विद्युत क्षमता उपलब्ध कराने की योजना है। इसके जरिये अलग-अलग हिस्सों में लोड का वितरण किया जाएगा, जिससे किसी एक हिस्से में अधिक भार पड़ने की स्थिति में पूरी व्यवस्था प्रभावित न हो। हाईटेक गैलरियों में संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन को देखते हुए विद्युत सुरक्षा और बैकअप व्यवस्था भी अहम होगी।