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स्कूल से ही देनी होगी पर्यावरण संरक्षण की सीख
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 25 Nov 2013 09:45 AM IST
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शहरीकरण के बढ़ते दौर में पर्यावरण को बिगड़ने से बचाए रखना सबसे बड़ी
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चुनौती है। ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के बारे में स्कूल से ही बच्चों को
शिक्षा देनी होगी।
इसमें प्राकृतिक ऊर्जा के सही उपयोग की जानकारी होना जरूरी है। इससे ऊर्जा और पर्यावरण दोनों का संरक्षण हो सकेगा।
इंडियन सोसाइटी ऑफ हीटिंग की वार्षिक संगोष्ठी में ये बात आर्किटेक्ट मनीत रस्तोगी ने कही।
एक स्थानीय होटल में ऊर्जावरण के नाम से आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि शहरों में ढांचागत सुविधाओं और सुनियोजित ढंग से नए शहरों के निर्माण की जरूरत बढ़ गई है।
50 सालों में विकसित हुए मेट्रो सिटी के बाद अब टियर टू और टियर थ्री शहरों को ऐसी गलती करने से रोकना है, जिसमें नवनिर्माण से पर्यावरण को नुकसान हो।
इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंसल्टेंट आशीष रखेजा और सुनी शाहनी ने कहा कि इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मानकों के अनुसार, अब ऊर्जा के प्राकृतिक स्रोतों के इस्तेमाल को बल दिया जा रहा है।
ऐसे भवन बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें दिन में बिजली की खपत कम से कम हो।
इसमें प्राकृतिक ऊर्जा के सही उपयोग की जानकारी होना जरूरी है। इससे ऊर्जा और पर्यावरण दोनों का संरक्षण हो सकेगा।
इंडियन सोसाइटी ऑफ हीटिंग की वार्षिक संगोष्ठी में ये बात आर्किटेक्ट मनीत रस्तोगी ने कही।
एक स्थानीय होटल में ऊर्जावरण के नाम से आयोजित संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि शहरों में ढांचागत सुविधाओं और सुनियोजित ढंग से नए शहरों के निर्माण की जरूरत बढ़ गई है।
50 सालों में विकसित हुए मेट्रो सिटी के बाद अब टियर टू और टियर थ्री शहरों को ऐसी गलती करने से रोकना है, जिसमें नवनिर्माण से पर्यावरण को नुकसान हो।
इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंसल्टेंट आशीष रखेजा और सुनी शाहनी ने कहा कि इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मानकों के अनुसार, अब ऊर्जा के प्राकृतिक स्रोतों के इस्तेमाल को बल दिया जा रहा है।
ऐसे भवन बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें दिन में बिजली की खपत कम से कम हो।