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Lucknow News: रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ के मामले में प्रोफेसर की तैनाती बदली, भेजे गए मानसिक रोग विभाग

Sun, 05 Oct 2025 12:43 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 05 Oct 2025 12:43 PM IST
सार

राजधानी में क्वीन मेरी में आईसीयू इंचार्ज रहे प्रोफेसर की तैनाती बदल दी गई है। उन्हें मानसिक रोग विभाग में नई तैनाती दी गई है। इन पर रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। इस पर कार्रवाई की गई है। 

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Professor transferred to mental health department in Lucknow for molesting resident doctor
docter demo - फोटो : Freepik

विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में रेजिडेंट से छेड़खानी के आरोप में प्रोफेसर का तैनातीस्थल बदल दिया गया है। अब वह क्वीन मेरी में आईसीयू इंचार्ज की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगे। उन्हें मानसिक रोग विभाग में भेज दिया गया है। केजीएमयू की कुलपति के अनुसार, आरोप मामूली श्रेणी में साबित हुआ है। इसलिए चेतावनी देने के साथ ही शिक्षक को शपथ पत्र देने के लिए कहा गया है।

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क्वीन मेरी अस्पताल में पिछले सप्ताह रेजिडेंट की ओर से छेड़खानी संबंधी शिकायत मिलने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने मामला विशाखा समिति को सौंपा था। विशाखा समिति ने दोनों पक्षों के साथ ही अन्य लोगों के भी बयान लिए। इसमें आरोप सही पाया गया। आरोप साबित होने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने शिक्षक को क्वीन मेरी से हटा दिया है। साथ ही लिखित चेतावनी जारी की है। इस मामले में शिक्षक को घटना की पुनरावृत्ति न होने संबंधी शपथ पत्र देने के लिए भी कहा गया है।

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आरोप सिद्ध होने के बाद दिया गया न्यूनतम दंड

विशाखा समिति की गाइडलाइन के अनुसार, आरोप सिद्ध होने पर पद से हटाने, लिखित माफी, चेतावनी, पदोन्नति रोकने, वेतन वृद्धि रोकने या नौकरी से बर्खास्तगी जैसे दंड शामिल हो सकते हैं। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में आपराधिक कार्रवाई करने संबंधी प्रावधान भी विशाखा समिति में हैं। इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ने सिर्फ आरोपी का तैनाती स्थल बदला है।

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केजीएमयू के कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन महिला सुरक्षा के मामले में बेहद गंभीर और संवेदनशील है। विशाखा समिति की जांच में आरोप मामूली श्रेणी में साबित हुआ है। इसलिए शिक्षक का तैनाती स्थल बदलने, चेतावनी जारी करने के साथ ही शपथ पत्र देने को कहा गया है। 

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