{"_id":"60f492ea969c4d73a37f2f53","slug":"priyanka-vadra-lesson-the-benefit-of-the-movement-only-when-the-congress-organization-is-strong","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रियंका का पाठ : आंदोलन का फायदा तभी, जब कांग्रेस संगठन हो मजबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रियंका का पाठ : आंदोलन का फायदा तभी, जब कांग्रेस संगठन हो मजबूत
Mon, 19 Jul 2021 02:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अजीत बिसारिया, लखनऊ
अजीत बिसारिया, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Jul 2021 02:15 AM IST
सार
- दिल्ली लौटने से पहले रणनीति का मूल मंत्र दे गईं प्रियंका
- न पुरानों की उपेक्षा होगी और न युवाओं को पहल से रोका जाएगा
- कांग्रेस महासचिव ने अपने इर्द-गिर्द बनाई एकदम नई युवा टीम
विज्ञापन
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जब तक संगठन मजबूत नहीं होगा, तब तक चुनाव के लिहाज से पार्टी को फायदा नहीं होगा। रविवार को दोपहर बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली लौट गईं। उससे पहले अपनी रणनीति का यही पाठ कार्यकर्ताओं व नेताओं को देकर गईं। उनके इर्द-गिर्द युवाओं की टीम ज्यादा दिखी, लेकिन पुरानों की उपेक्षा न करना पार्टी की रणनीति का हिस्सा बता गईं। कांग्रेसी इसे प्रियंका का ‘परिवर्तन का मॉडल’ करार दे रहे हैं।
विज्ञापन
तीन दिन के अपने लखनऊ दौरे में प्रियंका पार्टी के अनुभवी नेताओं से ज्यादा संवाद करती हुईं दिखीं। शहर व जिला टीमों पर आशीर्वाद बनाए रखने की उनसे अपेक्षा की। सभी को समझाया कि हम यूपी में 32 साल से सत्ता से बाहर हैं। संगठन कमजोर रहेगा तो इस स्थिति पर पार पाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने कार्यकर्ताओं व नेताओं को समझाया कि बूथ पर संगठन नहीं होगा तो वोट कौन डलवाएगा। इसलिए संगठन की मजबूती के लिए काम और कैंपेन के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। डेढ़ साल पहले यूपी में कांग्रेस की 500 लोगों की भारी-भरकम प्रदेश कमेटी थी। इतनी भारी-भरकम पीसीसी के सहारे कोई भी चुनावी युद्ध नहीं जीता जा सकता था। क्योंकि, इतने लोगों की एक साथ बैठक बुलाना ही आसान न था।
विज्ञापन
प्रियंका ने समझाया कि संगठन हित में ही इस टीम को छोटा करके जवाबदेही बढ़ाई गई है। बिना लाग-लपेट के प्रदेश के नेताओं से कहा कि संगठन अभी उतना मजबूत नहीं है, जितना वह चाहती हैं। हालांकि, पहले से काफी मजबूत हुआ है। न्याय पंचायत स्तर तक पहुंच चुका है। लेकिन, मन मुताबिक परिणाम पाने के लिए अभी इसे और मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि अगर ग्राम पंचायत स्तर तक हमारा संगठन मजबूत होगा तो विपक्षी इस तरह के षड्यंत्र में सफल नहीं होंगे। प्रियंका ने युवा मतदाताओं और महिलाओं को संगठन से खास तौर पर जोड़ने का संदेश भी दिया। प्रियंका ने भाजपा की राजनीतिक चालों पर हर समय नजर रखने का सुझाव दिया।