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प्रियंका के निजी सचिव संदीप की अग्रिम जमानत मंजूर, ये था मामला
Sat, 08 Aug 2020 01:11 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 08 Aug 2020 01:11 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह पर लगे आरोप को मामूली मानते हुए उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर दी। प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए यूपी सरकार को पेश की गई बसों की सूची में फर्जी कागजात पेश करने के मामले में अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये का निजी मुचलका पेश किए जाने पर रिहा करने को कहा है।
उनको देश से बाहर न जाने की ताकीद की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने दिए। कोर्ट ने कहा कि संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कहने पर पत्र लिखा था और प्रियंका को प्राथमिकी में आरोपी नहीं बनाया गया है।
कोर्ट ने संदीप पर लगाई गई धाराओं को हल्की प्रकृति का बताया और एक लाख के निजी मुचलके व इतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल करने का आदेश दिया। संदीप की अग्रिम जमानत विवेचना समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। संदीप सिंह की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एवं नदीम मुर्तजा ने तर्क दिया कि संदीप को केवल राजनीतिक वजहों से फंसाया जा रहा है।
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उनको देश से बाहर न जाने की ताकीद की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने दिए। कोर्ट ने कहा कि संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कहने पर पत्र लिखा था और प्रियंका को प्राथमिकी में आरोपी नहीं बनाया गया है।
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कोर्ट ने संदीप पर लगाई गई धाराओं को हल्की प्रकृति का बताया और एक लाख के निजी मुचलके व इतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल करने का आदेश दिया। संदीप की अग्रिम जमानत विवेचना समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। संदीप सिंह की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एवं नदीम मुर्तजा ने तर्क दिया कि संदीप को केवल राजनीतिक वजहों से फंसाया जा रहा है।
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पेश किए गए थे फर्जी कागजात
वहीं, अपर महाधिवक्ता वीके शाही ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी संदीप के खिलाफ आपराधिक मामला बनता है क्योंकि उन्होंने बस विवाद को राजनीति से प्रेरित रंग दिया और फर्जी दस्तावेज पेश किए।
पुलिस ने गत मई में उप्र कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, संदीप सिंह और अन्य के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में मामला दर्ज कराया था।
उन पर आरोप था कि कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश वापस लाने के लिए 1000 बसों की जो सूची उपलब्ध कराई थी, उसमें फर्जी कागजात पेश किए गए थे।
पुलिस ने गत मई में उप्र कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, संदीप सिंह और अन्य के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में मामला दर्ज कराया था।
उन पर आरोप था कि कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश वापस लाने के लिए 1000 बसों की जो सूची उपलब्ध कराई थी, उसमें फर्जी कागजात पेश किए गए थे।