प्राइवेट प्रैक्टिस मामला: केजीएमयू के आरोपी डॉक्टरों से 45 मिनट तक हुई पूछताछ, कमेटी ने मांगे वीडियो साक्ष्य
केजीएमयू के एक वरिष्ठ प्रोफेसर पर निजी प्रैक्टिस के आरोपों की जांच तेज हो गई है। पांच सदस्यीय समिति ने उनसे 45 मिनट तक पूछताछ कर 25 से अधिक सवाल पूछे। शिकायतकर्ता के साक्ष्य दिखाए गए, जिन्हें प्रोफेसर ने नकार दिया। अब अतिरिक्त प्रमाण और शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा।
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केजीएमयू फिजियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर पर लगे निजी प्रैक्टिस के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल और जन भवन प्रशासन की सख्ती के बाद केजीएमयू कुलसचिव की ओर से गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने मामले में पहली बैठक की। कमेटी ने आरोपी प्रोफेसर को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। करीब 45 मिनट तक चली बैठक में कमेटी के सदस्यों ने प्रोफेसर से एक-एक कर 25 से अधिक सवाल किए।
प्रोफेसर ने फोटो-पर्चों को लेकर दी सफाई
निजी प्रैक्टिस के आरोपों को लेकर पूछे गए सवालों के दौरान कई बार प्रोफेसर असहज नजर आए। कमेटी ने आरोपों से जुड़े सभी बिंदुओं पर उनका जवाब दर्ज किया। इस दौरान शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों को भी उनके सामने रखा गया।
इनमें फोटोग्राफ, मरीज के पर्चे, जांच समेत अन्य दस्तावेज शामिल थे। कमेटी के सदस्यों ने जब इन साक्ष्यों के बारे में प्रोफेसर से जवाब मांगा तो उन्होंने इन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया। प्रोफेसर ने फोटो और पर्चों को लेकर अपनी सफाई दी।
इसके बाद कमेटी ने उनका लिखित बयान दर्ज कर लिया। अब जांच की अगली कड़ी में शिकायतकर्ता का पक्ष सुना जाएगा। कमेटी ने शिकायतकर्ता को पत्र भेजकर बयान दर्ज कराने आरोपों से जुड़े अतिरिक्त साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें निजी प्रैक्टिस से जुड़े वीडियो समेत अन्य प्रमाण मांगे गए हैं।