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राजधानी के यह हाल: बिना डॉक्टर चल रहे निजी अस्पताल, स्टाफ कर रहा इलाज; पांच की जांच में एक जगह मिला चिकित्सक

Sat, 16 Nov 2024 01:54 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 16 Nov 2024 01:54 PM IST
सार

राजधानी में बिना डॉक्टर ही निजी अस्पताल चल रहे हैं। पांच की जांच में एक जगह चिकित्सक मिला। बाकी में स्टाफ ही मरीजों का इलाज कर रहा है। 

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private hospitals run without doctors In Lucknow staff is treating patients
अस्पताल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में बिना डॉक्टर के ही कई निजी अस्पताल चल रहे हैं। इनमें पूर्णकालिक डॉक्टर नहीं हैं। अन्य स्टाफ ही मरीजों का इलाज करता रहता है। शुक्रवार को सीएमओ की टीम ने पांच निजी अस्पतालों पर छापा मारा तो ये हकीकत सामने आई। पांच अस्पतालों में से महज एक में डॉक्टर मिला। मरीजों का इलाज स्टाफ कर रहा था।

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नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केडी मिश्रा ने शुक्रवार दोपहर ठाकुरगंज इलाके के द यूनिक हॉस्पिटल, बालागंज अस्पताल, स्टार हॉस्पिटल, मेडलाइफ हॉस्पिटल व ऑक्सीजन हॉस्पिटल में छापा मारा। 
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बालागंज अस्पताल को छोड़कर किसी भी अस्पताल में पूर्णकालिक चिकित्सक नहीं मिला। किसी भी हॉस्पिटल में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं थी। टीम ने पांचों अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।

इनकी हुई जांच

  • यूनिक हॉस्पिटल : डेंगू मरीजों के इलाज में लापरवाही मिली। अफसरों का कहना है कि डेंगू के इलाज के लिए तय प्रोटोकॉल का यहां उल्लंघन हो रहा था। बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था भी ठीक नहीं थी।
  • बालागंज अस्पताल : मरीजों के अभिलेख अधूरे थे। फार्मेसी पर कोई भी पंजीकृत फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था।
  • स्टार हॉस्पिटल : भर्ती मरीजों के इलाज के लिए कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। जीएनएम की प्रशिक्षु मरीजों का इलाज कर रही थी।
  • मेडलाइफ हॉस्पिटल : एमबीबीएस डॉक्टर नहीं था। एचआईवी पॉजिटिव मरीज के जैव अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था मानकविहीन मिली।
  • ऑक्सीजन हॉस्पिटल : कोई पूर्णकालिक डॉक्टर नहीं था। रैंप अत्यंत फिसलनयुक्त था जिसमें सुधार की जरूरत है।

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...तो संचालन पर लगाई जाएगी रोक

नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. एपी सिंह के मुताबिक, एक अस्पताल को छोड़कर कहीं पर कुशल डॉक्टर नहीं मिले। स्टाफ मरीजों का इलाज कर रहा था। कई अन्य खामियां भी मिलीं। पांचों अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके संचालन पर रोक लगाई जाएगी।

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