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Lucknow News: निजी अस्पताल ने दो दिन में वसूले 40 हजार रुपये, ऑपरेशन में देरी से गई जान
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लखनऊ। सरकारी संस्थानों में बेड न मिलने पर दलाल ने मरीज को निजी अस्पताल पहुंचा दिया। मरीज की हेड इंजरी का ऑपरेशन होना था। निजी अस्पताल ने दो दिन तक रखकर 40 हजार वसूल लिए। हालत में सुधार न होने पर परिजन मरीज को जबरन डिस्चार्ज कराकर ट्रामा में भर्ती कराया। यहां ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और वसूली का आरोप लगाया है।
बाराबंकी के फतेहपुर निवासी पुष्पा देवी को सिर में चोट लग गई थी। रविवार को परिजन मरीज को लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया। बेड खाली न होने के कारण दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां भी बेड नहीं मिला।
एक दलाल ने बेहतर व सस्ता इलाज का झांसा देकर मरीज को चिनहट स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। दो दिन में यहां 40 हजार खर्च हुए। हालत गंभीर होने पर मरीज को ट्रॉमा ले जाया गया। बेटे मंजीत ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। दो यूनिट खून भी चढ़ाया गया। बृहस्पतिवार को ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत हो गई। बेटे मंजीत का आरोप है निजी अस्पताल ने इलाज में लापरवाही की। समय से ऑपरेशन न होने के कारण ही मां की मौत हुई।
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परिजन मरीज को निजी अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर लाए थे। मरीज को ऑपरेशन के लिए ओटी में ले जाया गया था। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। जान बचाने की कोशिश की गई, मगर वह बच नहीं सकीं। परिजनों ने किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। - डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
बाराबंकी के फतेहपुर निवासी पुष्पा देवी को सिर में चोट लग गई थी। रविवार को परिजन मरीज को लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया। बेड खाली न होने के कारण दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिजन केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां भी बेड नहीं मिला।
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एक दलाल ने बेहतर व सस्ता इलाज का झांसा देकर मरीज को चिनहट स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। दो दिन में यहां 40 हजार खर्च हुए। हालत गंभीर होने पर मरीज को ट्रॉमा ले जाया गया। बेटे मंजीत ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। दो यूनिट खून भी चढ़ाया गया। बृहस्पतिवार को ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत हो गई। बेटे मंजीत का आरोप है निजी अस्पताल ने इलाज में लापरवाही की। समय से ऑपरेशन न होने के कारण ही मां की मौत हुई।
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परिजन मरीज को निजी अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर लाए थे। मरीज को ऑपरेशन के लिए ओटी में ले जाया गया था। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। जान बचाने की कोशिश की गई, मगर वह बच नहीं सकीं। परिजनों ने किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। - डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू