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निजी कालेज के विधि छात्रों को स्कालरशिप देने के मामले में तत्का करना होगा फैसला

Sun, 11 Aug 2019 01:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 01:45 AM IST
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private colleges have to take quick decision on scholarship
निजी कॉलेजों के विधि छात्रों को स्कॉलरशिप पर तत्काल करें फैसला
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हाईकोर्ट ने कहा, अदालत के पूर्व के आदेश पर गौर करते हुए लें निर्णय
निजी कॉलेजों के विधि छात्रों को सरकार की स्कॉलरशिप योजना 2016-17 के तहत छात्रवृत्ति दिए जाने की मांग वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने तत्काल फैसला लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि निर्णय रिट कोर्ट की ओर से पूर्व में जारी आदेश पर गौर करते हुए लिया जाए।
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने यह आदेश लखनऊ के निजी कॉलेज में विधि छात्र आदित्य तिवारी व अनुराग त्रिपाठी की अलग-अलग याचिकाओं पर दिया। इस पर खुद बहस करते हुए याचियों ने दलील दी कि जहां सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों को यह छात्रवृत्ति मिल रही है, वहीं निजी कॉलेजों के विद्यार्थी इससे वंचित हैं। याचियों ने अदालत के सामने रिट कोर्ट के 8 अप्रैल 2019 को जारी आदेश की नजीर भी पेश की। इसमें एक छात्र को छात्रवृत्ति दिए जाने और जिस अवधि में इसे रोका गया, उसका ब्याज देने के आदेश दिए गए हैं।
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इस पर सरकार की ओर से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने दलील दी कि जिस निजी कॉलेज में याची शिक्षा ले रहे हैं उसने स्कॉलरशिप योजना के लिए गलत तथ्य पेश कर अनुदान हासिल कर लिया है। सरकार ने मामले में वसूली की कार्यवाही शुरू कर दी है। उधर, याचियों ने यह भी दलील दी कि कुछ छात्रों को छात्रवृत्ति तो मिल रही है पर अनुमन्य से काफी कम और कुछ सालों से तो फीस की प्रतिपूर्ति के लिए छात्रवृत्ति मिली ही नहीं। याचियों की दलील थी कि वे भी हर वर्ष पूरी फीस की प्रतिपूर्ति मिलने के हकदार हैं।
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इस पर अदालत ने याचियों को नए सिरे से प्रत्यावेदन तैयार कर 16 अगस्त तक जिला समाज कल्याण अधिकारी को देने को कहा। यह भी कहा कि वे जरूरी दस्तावेज व रिट कोर्ट के आदेश की प्रति भी संलग्न करें। कोर्ट ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रत्यावेदन मिलने पर वे तत्काल नियम-कानून के तहत फैसला करें। निर्णय के वक्त रिट कोर्ट के उक्त आदेश पर भी गौर करें। उन्हें याचियों के प्रत्यावेदन पर 29 अगस्त तक फैसला करना होगा।
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