{"_id":"6956e295e7ee29e5c206d0b6","slug":"private-banks-have-become-the-weakest-link-in-the-unsecured-loan-scheme-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1541962-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बिना गारंटी कर्ज की योजना में निजी बैंक बने सबसे कमजोर कड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बिना गारंटी कर्ज की योजना में निजी बैंक बने सबसे कमजोर कड़ी
Fri, 02 Jan 2026 02:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 02 Jan 2026 02:39 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में युवाओं के सपनों पर सबसे बड़ा ब्रेक निजी बैंकों की लापरवाही बनती जा रही है। जिले को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3000 युवाओं को कर्ज देकर स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य मिला लेकिन अब तक 828 लोन सिर्फ कागज़ों में ही उलझे हैं।
जहां सरकारी बैंकों ने जिम्मेदारी निभाते हुए हजारों युवाओं को आगे बढ़ाया, वहीं निजी बैंक योजना को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं दिख रहे। स्थिति यह है कि कोटक महिंद्रा बैंक ने 42 लोन मंजूर किए, लेकिन वितरित सिर्फ एक किया, जबकि एचडीएफसी बैंक 56 लोन तक ही सिमट कर रह गया। बंधन बैंक ने तो एक भी लाभार्थी को कर्ज नहीं दिया।
शासन ने इस बार लखनऊ को पिछले साल की तुलना में 1000 अतिरिक्त लाभार्थियों का लक्ष्य सौंपा था। वर्ष 2025-26 में 3000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 2031 युवाओं को ही बिना किसी गारंटी के 5 लाख रुपये तक का कर्ज मिल सका है, जबकि 2082 परियोजनाओं को बैंक पहले ही मंजूरी दे चुके हैं।
विज्ञापन
यूनियन और पीएनबी ने 300 से ज्यादा को बनाया उद्यमी
यूनियन बैंक ने 317 और पीएनबी ने 307 युवाओं को कर्ज देकर योजना को मजबूती दी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 286, एसबीआई ने 282 और बैंक ऑफ इंडिया ने 203 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया।
जिले को इस बार डेढ़ गुना लक्ष्य मिला है। 3000 के सापेक्ष 2031 लाभार्थियों को कर्ज दिया जा चुका है। शेष मामलों में तेजी लाई जा रही है और तय समय में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
- मनोज चौरसिया, उपायुक्त उद्योग
विज्ञापन
जहां सरकारी बैंकों ने जिम्मेदारी निभाते हुए हजारों युवाओं को आगे बढ़ाया, वहीं निजी बैंक योजना को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं दिख रहे। स्थिति यह है कि कोटक महिंद्रा बैंक ने 42 लोन मंजूर किए, लेकिन वितरित सिर्फ एक किया, जबकि एचडीएफसी बैंक 56 लोन तक ही सिमट कर रह गया। बंधन बैंक ने तो एक भी लाभार्थी को कर्ज नहीं दिया।
विज्ञापन
शासन ने इस बार लखनऊ को पिछले साल की तुलना में 1000 अतिरिक्त लाभार्थियों का लक्ष्य सौंपा था। वर्ष 2025-26 में 3000 के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 2031 युवाओं को ही बिना किसी गारंटी के 5 लाख रुपये तक का कर्ज मिल सका है, जबकि 2082 परियोजनाओं को बैंक पहले ही मंजूरी दे चुके हैं।
विज्ञापन
यूनियन और पीएनबी ने 300 से ज्यादा को बनाया उद्यमी
यूनियन बैंक ने 317 और पीएनबी ने 307 युवाओं को कर्ज देकर योजना को मजबूती दी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 286, एसबीआई ने 282 और बैंक ऑफ इंडिया ने 203 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया।
जिले को इस बार डेढ़ गुना लक्ष्य मिला है। 3000 के सापेक्ष 2031 लाभार्थियों को कर्ज दिया जा चुका है। शेष मामलों में तेजी लाई जा रही है और तय समय में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
- मनोज चौरसिया, उपायुक्त उद्योग