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हाईकोर्ट ने जातई नाराजगी, कहा-प्रमुख सचिव गृह ने जान-बूझकर की आदेशों की अवज्ञा
Mon, 20 May 2019 12:10 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 20 May 2019 12:10 AM IST
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Lucknow High Court
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सेवा संबंधी एक मामले में रिट कोर्ट के आदेशों का पालन न किए जाने पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रमुख सचिव गृह जान-बूझकर अदालती आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने यह टिप्पणी अजय कुमार शर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए की।
याचिका में कहा गया था कि याची के खिलाफ हुई कार्यवाही के सिलसिले में निर्धारित नियमों के तहत उसकी ओर से दिए गए प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर याची ने पूर्व में रिट कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
इस पर अदालत ने 18 जनवरी 2019 को उसके प्रत्यावेदन को छह सप्ताह में निस्तारित किए जाने के आदेश दिए थे। इसका पालन न होने पर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए रिट कोर्ट के आदेश की प्रति भी दाखिल की।
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याचिका में कहा गया था कि याची के खिलाफ हुई कार्यवाही के सिलसिले में निर्धारित नियमों के तहत उसकी ओर से दिए गए प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर याची ने पूर्व में रिट कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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इस पर अदालत ने 18 जनवरी 2019 को उसके प्रत्यावेदन को छह सप्ताह में निस्तारित किए जाने के आदेश दिए थे। इसका पालन न होने पर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए रिट कोर्ट के आदेश की प्रति भी दाखिल की।
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अदालत ने मामले में पक्षों की दलील सुनने का बाद कहा कि मामला अब भी लंबित है और प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। लगता है कि उन्होंने जान-बूझकर रिट कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की।
अदालत ने सरकारी वकील को सक्षम प्राधिकारी से रिट कोर्ट के आदेश के संदर्भ में की गई कार्यवाही को लेकर निर्देश हासिल करने और इसे हलफनामे पर मामले की अगली सुनवाई पर 31 मई को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने सरकारी वकील को सक्षम प्राधिकारी से रिट कोर्ट के आदेश के संदर्भ में की गई कार्यवाही को लेकर निर्देश हासिल करने और इसे हलफनामे पर मामले की अगली सुनवाई पर 31 मई को पेश करने के निर्देश दिए हैं।