यूपी के स्पोर्ट्स कॉलेजों में जल्द होगी प्रिंसिपल की नियुक्ति, खिलाड़ियों को मिलेगी प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी ने जल्द से जल्द प्रदेश के तीनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में नियमित प्रिंसिपल की नियुक्ति किए जाने की घोषणा की। इस संबंध में उन्होंने उन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने की बात कही, जिसने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स या विश्वकप में देश का प्रतिनिधित्व किया हो।
हाईकोर्ट में प्रिंसिपल नियुक्ति के संबंध में बीते दिनों हुए फैसले के बाबत खेलमंत्री ने कहा कि इस बारे में खेल विभाग की ओर से पक्ष रखा जाएगा और खेल विभाग का अधिकारी ही अस्थाई रूप से कार्यवाहक प्र्रिंसिपल का पद संभालेगा।
विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में कॉलेज सोसाइटी की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगस्त 2017 में सोसाइटी की नियमावली में गलत तरीके से संशोधन किया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। अब 1975 में सोसाइटी के गठन के समय की नियमावली का ही पालन किया जाएगा। जब तक इन तीनों कॉलेजों को नियमित प्रिंसिपल नहीं मिल जाता है, तब तक वहां पर खेल विभाग का उपनिदेशक अथवा क्रीड़ाधिकारी अस्थाई रूप से चार्ज संभालेंगे।
फिजियोथेरेपिस्ट के अलावा मनोचिकित्सक भी रखे जाएंगे निश्चित मानदेय पर
उपेंद्र तिवारी ने कहा कि कॉलेज में खेल और खिलाड़ियों का स्तर सुधारने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट के अलावा मनोचिकित्सक निश्चित मानदेय पर रखे जाएंगे। इसके अलावा कॉलेजों में कार्यरत सभी कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है। हाल ही में कॉलेज की जांच के दौरान कुछ अभिलेख गायब पाए गए हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही कॉलेज के विरुद्ध चल रहे 32 अदालती मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
फिलहाल कॉलेज के सभी कार्य खेल विभाग के माध्यम से कराए जाएंगे और समय से बजट आदि मुहैय्या कराया जाएगा, ताकि कोई घालमेल न हो। बैठक में विशेष सचिव खेल राजेश कुमार, अपर नगर मजिस्ट्रेट पूजा मिश्रा, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, उपसचिव खेल विनीत प्रकाश समेत अन्य मौजूद रहे।