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Lucknow: दाल में महंगाई का तड़का, फिर उछला जीरा, तेल की कीमत 18 रुपये बढ़ी, काजू-बादाम के दाम भी चढ़े

Sat, 25 May 2024 01:00 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 25 May 2024 01:00 PM IST
सार

खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दाल के साथ जीरे के भी दाम बढ़ रहे हैं। वहीं, काजू-बादाम के दाम भी चढ़ गए हैं।
 

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Price rise: Prices of many domestic things go up.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

बाजार में बीते कुछ दिनों से कीमतों में बड़ा उलटफेर आम आदमी के लिए चौंकाने वाला है। सबकुछ सामान्य चल रहा हो और अचानक से कीमतें बढ़ जाएं, वो भी रोजमर्रा के सामानों की तो आम आदमी का परेशान होना स्वाभाविक है। दाल और जीरे की कीमतों के साथ ही तेल के दाम में भी उछाल आया है। काजू-बादाम और मखाने की कीमत भी बढ़ी है, जबकि न तो कोई तीज-त्योहार है न सहालग। बीते 10 दिनों में किस तरह से कीमतें चढ़ीं और क्या है इसका कारण, आइए जानते हैं।

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थोक बाजार में 130 रुपये लीटर पहुंचा तेल
कारोबारी रमेश चंद्र अग्रवाल कहते हैं कि सरसों के तेल में 18 रुपये की तेजी आई है। थोक बाजार में यह 112 रुपये लीटर था, लेकिन इस समय कीमत 130 रुपये है। सरसों का बाजार तेज होने से तेल की कीमत बढ़ी है। अभी इसमें कमी के आसार नहीं हैं। वहीं, रिफाइंड की कीमत में भी तेजी आई है। यह 103 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 108 रुपये पहुंच गया है।
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जीरे की कीमत में 100 रुपये का इजाफा
जीरे की कीमतें बीते दिनों लंबे इंतजार के बाद तो कम हुई थीं, लेकिन एक बार फिर से इसमें उछाल आया है। कारोबारी प्रशांत गर्ग के मुताबिक, जीरे का उत्पादन पहले ही से ही कम था। बाहर मांग बढ़ने पर इसका निर्यात कर दिया गया। घरेलू मांग में कोई कमी नहीं है। इसके अलावा बीते दिनों में जीरे की चढ़ती कीमतों से उत्पादकों ने इसे होल्ड भी किया है। इससे फुटकर बाजार में इसकी कीमत 275 से बढ़कर 375 रुपये किलो पहुंच गई है।

पतीली में दाल का गलना हुआ मुश्किल
दाल की कीमत कुछ समय के लिए घटती है और ज्यादा वक्त के लिए चढ़ जा रही है। एक बार फिर इसके बाजार में हलचल है। वो भी तब कीमत चढ़ रही है, जब आयात शुल्क घटने की बात कही जा रही है। कारोबारी भारत भूषण कहते हैं कि थोक बाजार में दाल के दामों में 10 रुपये तक का उछाला आया है। थोक बाजार में पुखराज प्रीमियम 167.50 रुपये, दाल सूरजमुखी 163 रुपये, दाल डायमंड व माधुरी किस्म 137 और 132.50 रुपये पहुंच गई है। चूंकि सर्वाधिक मांग अरहर दाल की ही होती है, इसलिए इसकी कीमतों में ज्यादा असर दिखता है। कारोबारियों का कहना है कि आयात शुल्क घटने के बाद भी दाम कम न होने का कारण यह है कि पीछे से ही दाल महंगी आ रही है।

न सहालग न त्योहार, फिर भी महंगा हुआ मेवा
दाल-तेल-जीरा ही नहीं, इस वक्त कुछ मेवे के दामों भी उछाल आ गया है। फुटकर बाजार में 1100 रुपये किलो बिक रहा मखाना 1300 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, काजू और बादाम की कीमतों में लगभग 50 रुपये की बढ़ोतरी आई है। इस वक्त दोनों 800 रुपये किलो हैं। कारोबारियों का कहना है कि बाहर से ही माल महंगा आ रहा है। फसल खराब होने से भी असर पड़ा है।

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