फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   price of MBBS seats in private colleges in UP

यूपी: 70 लाख में MBBS सीट की 'तत्काल' बुकिंग

Fri, 04 Jul 2014 11:07 AM IST
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 04 Jul 2014 11:07 AM IST
विज्ञापन
price of MBBS seats in private colleges in UP

विधान परिषद में भले ही 35 लाख रुपये में एमबीबीएस सीट बिकने का मामला गूंजा हो, लेकिन हकीकत में बेलगाम निजी मेडिकल कॉलेज खुलेआम 70 लाख में डॉक्टरी की पढ़ाई का सौदा कर डिग्री बेच रहे हैं।

विज्ञापन


अपने जिगर के टुकड़े को डॉक्टर बनाने के ख्वाहिशमंद अभिभावकों को मजबूरन यह राशि चुकानी पड़ती है।

इसमें 25 से 40 लाख रुपये तक कैपिटेशन फीस की आड़ में ली जा रही प्रतिबंधित डोनेशन राशि और 35 लाख ही पांच साल की वार्षिक फीस व मेस इत्यादि की मद के नाम पर वसूली जाती है।
विज्ञापन


एकमुश्त रकम दे पाने में असमर्थता जताने वालों से कैपिटेशन फीस की आड़ में डोनेशन की पूरी और शुल्क की राशि वार्षिक आधार पर देने की सहूलियत देकर सीट बेची जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह से खड़ा किया साम्राज्य

price of MBBS seats in private colleges in UP

बीते दस सालों से निजी मेडिकल कॉलेज एमबीबीएस में दाखिले का सौदा कर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। शुरुआती दौर में निजी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस सीटों की प्रवेश प्रक्रिया भी सीपीएमटी में चयनित छात्रों की मेरिट सूची के आधार पर होती थी।

वर्ष 2003-04 में प्रदेश में संचालित 14 निजी मेडिकल कॉलेजों ने एकजुट हो सीपीएमटी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया का विरोध जताते हुए अपनी सीटों को खुद अलग से कंबाइंड प्राइवेट मेडिकल कॉलेज एंट्रेंस टेस्ट आयोजित कर भरने का फैसला किया।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इस पर आपत्ति जताने के बावजूद एकजुट निजी मेडिकल कॉलेजों ने सीपीएमटी कोटे से चयनित छात्रों को प्रवेश न देकर खुद के आधार पर कराई गई परीक्षा की मेरिट सूची से एमबीबीएस में दाखिले लेने शुरू कर दिए।

इस मनमानी पर तत्कालीन प्रदेश सरकार की ओर से सख्ती न किए जाने से ही इनके हौसले बुलंद होते गए।

एंट्रेंस टेस्ट महज दिखावा

price of MBBS seats in private colleges in UP

निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा एमबीबीएस सीटों पर दाखिले के लिए अलग से शुरू की गई प्रवेश परीक्षा तीन-चार साल बाद ही महज दिखावा बनकर रह गई।

प्रदेश में संचालित 14 निजी मेडिकल कॉलेजों ने एकजुट हो निजी मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी बरेली स्थित राममूर्ति मेडिकल कॉलेज को सौंप दी।

सूत्रों की मानें तो हर साल महज कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन व शासन के दिखावे के लिए यह प्रवेश परीक्षा होती जरूर है लेकिन इसका परिणाम कभी सार्वजनिक तौर से घोषित नहीं होता।

परीक्षा आयोजन से जुड़ा मेडिकल कॉलेज टेस्ट में पास छात्रों को सीधे अपने स्तर पर ही प्रवेश संबंधी सूचना देने की औपचारिकता पूरी करता है।

एडवांस बुकिंग और तत्काल सेवा भी

price of MBBS seats in private colleges in UP

एक प्रमुख निजी मेडिकल कॉलेज से जुड़े जिम्मेदार की मानें तो एमबीबीएस में दाखिले के लिए एडवांस बुकिंग से लेकर तत्काल सेवा तक की सुविधा उपलब्ध है।

एडवांस बुकिंग कराने वाले अभिभावकों को एक साल पहले ही सीट बुक कराने के लिए फीस के अलावा 25 से 30 लाख रुपये जमा कराने पड़ते हैं।

ऐसे अभ्यर्थियों को एंट्रेंस टेस्ट में सफल बता उनकी चॉइस के निजी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिए जाने की सूचना दी जाती है।

वहीं ‘तत्काल सेवा’ के तहत अंतिम समय में फीस की कुल राशि के अलावा 30 से 40 लाख रुपये देने पर एमबीबीएस में दाखिला मिल जाता है।

तिजोरी भरने का पूरा गणित

price of MBBS seats in private colleges in UP

निजी मेडिकल कॉलेजों में एडवांस सीट बुक कराने पर कैपिटेशन फीस के एवज में वसूले जाने वाले 25 लाख रुपये के साथ पहले साल के शुल्क के बतौर 7.45 लाख और इसके बाद चार साल तक वार्षिक आधार पर 7 लाख की शुल्क राशि जमा करानी पड़ती है।

वहीं, तत्काल सेवा में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थी को दाखिले के समय एकमुश्त 35 से 40 लाख रुपये जमा कराने के साथ ही तय शुल्क राशि का सालाना भुगतान करना होता है। इस तरह निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस डिग्री 60 से 71 लाख के बीच पड़ती है।

लगाई गई थी एकमुश्त फीस लेने पर रोक
निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की शुल्क राशि में समानता लाने के उद्देश्य से ही जस्टिस पीके सरीन की अध्यक्षता में गठित शुल्क ढांचा परीक्षण निर्धारण समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए शासन ने लागू किया था। सरीन कमेटी ने एकमुश्त फीस लेने पर रोक लगा दी थी।

इसके तहत निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में होने वाले एमबीबीएस व बीडीएस प्रवेश की नई शुल्क राशि का निर्धारण कर उसे लागू करने का फैसला हुआ था। इसमें वार्षिक फीस का निर्धारण कॉलेजों की क्षमता व संसाधनों के आधार पर किया गया था।

भारी-भरकम फीस के बावजूद पढ़ाई जीरो

price of MBBS seats in private colleges in UP

निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिले में भारी-भरकम फीस वसूले जाने के बाद भी पढ़ाई व प्रेक्टिकल ट्रेनिंग के नाम पर विद्यार्थियों को कुछ खास हासिल नहीं होता।

इन मेडिकल कॉलेजों में न तो छात्र व शिक्षक अनुपात और न ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से गुणवत्तायुक्त शिक्षण के लिए तय मानकों का ही पालन किया जाता है।

ऐसे में इन कॉलेजों से डॉक्टरी की डिग्री पाने के बाद भी छात्रों को प्रयोगात्मक व व्यावहारिक अनुभव न मिल पाने के कारण न तो अच्छे अस्पतालों में नौकरी मिल पाती है और न ही ये कुशलता के साथ निजी प्रैक्टिस ही कर पाते हैं।

दाखिले के लिए नहीं करते जोर-जबर्दस्ती

price of MBBS seats in private colleges in UP

निजी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े संचालक नाम न बताने की शर्त पर इस पूरे मामले में अपना पक्ष पेश करते हुए कहते हैं कि हम किसी भी अभिभावक या छात्र से दाखिला लेने के लिए कोई जोर-जबर्दस्ती नहीं करते।

एकमुश्त शुल्क लेने की व्यवस्था अभिभावकों के हित में रहती है। इससे वह बैंकों से एजूकेशन लोन लेकर शुल्क की पूरी राशि आसानी से जमा कर सकते हैं।

निजी मेडिकल कॉलेज संचालित करने में आने वाले आयगत खर्च व टीचिंग फैकल्टी की खातिर ही कुछेक मामलों में कैपिटेशन फीस ऐच्छिक तौर पर सहायता राशि के रूप में ली जाती है।

दाखिले में वसूली की नहीं मिलती शिकायत

price of MBBS seats in private colleges in UP

इस मसले पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक केके गुप्ता का कहना है कि निजी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी रोकने की हरसंभव कोशिश होती है।

अधिकतर मामलों में एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर वसूली जाने वाली अतिरिक्त राशि अभिभावक अपनी सहमति से देते हैं।
ऐसे में बिना लिखित शिकायत के वैधानिक स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं हो पाती।

औपचारिक जांच-पड़ताल में निजी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन शासन स्तर पर तय शुल्क ही वार्षिक आधार पर लिए जाने के प्रमाण प्रस्तुत कर बच जाते हैं। कुछेक मामलों में अतिरिक्त राशि लेने के पीछे मेस इत्यादि अन्य मदों का खर्च बताया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed