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अस्पतालों पर संक्रमितों का दबाव कम हुआ तो शून्य हुई मृत्युदर, बीते 17 दिन में कोरोना की वजह से राजधानी में नहीं हुई एक भी मौत
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अस्पतालों पर कोरोना मरीजों का दबाव कम होने का असर अब इससे होने वाली मौतों पर दिखने लगा है। लखनऊ में बीते 17 दिन से संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है। डॉक्टर इसकी वजह अस्पतालों में ऑक्सीजन, दवा और बेड की उपलब्धता को बता रहे हैं। उनके अनुसार अस्पताल में कम मरीज होने से घर पर गंभीर होने की स्थिति आने से पहले ही संक्रमित को भर्ती करा दिया जा रहा है। इससे कोरोना से मौतों का आंकड़ा शून्य हो गया है।
इस समय कोरोना के कुल 121 सक्रिय केस हैं। हालांकि, सिर्फ 19 मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होेने से 17 दिन में संक्रमण से एक भी जान नहीं गई है, जबकि एक माह पहले स्थिति इससे विपरीत थी। संक्रमितों में से 70 फीसदी तक अस्पताल में थे। ऐसे में कोरोना से मौतों का सिलसिला जारी था। एक महीने से केस के साथ संक्रमण से होने वाली मौतें भी कम हो गई हैं। मामले कम होने से कई अस्पताल का कोविड दर्जा खत्म कर दिया गया है।
4,539 बेड पर सिर्फ 19 मरीज
एक समय कोविड कमांड सेंटर के पोर्टल पर 75 अस्पताल पंजीकृत थे। अब इनकी संख्या 37 ही रह गई है। इनमें से 30 ऐसे हैं जिनके सभी बेड खाली हैं। कुल बेड की संख्या भी 30 दिन में 6150 से 4539 रह गई है। इन पर महज 19 मरीज ही भर्ती हैं।
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रोजाना 15 हजार से ज्यादा जांच
संक्रमण कम होने के बाद भी राजधानी में सैंपल लेने का सिलसिला जारी है। इस समय रोजाना 15 हजार से ज्यादा जांच हो रही है। अन्य राज्यों से आने वालों के साथ उनके संपर्क में आने वालों के भी नमूने लिए जा रहे हैं। इसका मकसद संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित और इसका पता लगाना है।
21 जून की स्थिति
नए केस- सक्रिय केस- होम आइसोलेशन- भर्ती- भर्ती प्रतिशत
25- 321- 96- 225- 70
06 जुलाई की स्थिति
नए केस- सक्रिय केस- होम आइसोलेशन- भर्ती- भर्ती प्रतिशत
15- 167- 139- 28- 17
16 जुलाई की स्थिति
नए केस- सक्रिय केस- होम आइसोलेशन- भर्ती- भर्ती प्रतिशत
18- 121-102- 19- 15
ऑक्सीजन, दवा और बेड की उपलब्धता से पड़ा असर
इस समय अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में कोविड के बेड हैं। ऑक्सीजन और दवाओं की भी प्रचुरता है। संक्रमित जरा भी समस्या पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण से होने वाली मौतों पर रोक गई है।
डॉ. डी हिमांशु, चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू
सिर्फ चार मरीज आईसीयू में
केजीएमयू में इस समय कोरोना के नौ मरीज ही भर्ती हैं। इनमें से चार आईसीयू में हैं। हालांकि, उनकी स्थिति नियंत्रण में है। अस्पताल में संसाधन बढ़ने तथा केस कम होने की वजह से मृत्युदर बिल्कुल कम हो गई है।
डॉ. सूर्यकांत, कोविड प्रबंधन अधिकारी, केजीएमयू
ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में
कोरोना संक्रमण के मामले अब गंभीर नहीं हैं। ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जिन्हें कुछ समस्या है सिर्फ उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से गंभीर मरीजों की संख्या बेहद कम है।
डॉ. योगेश रघुवंशी, प्रवक्ता, सीएमओ
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इस समय कोरोना के कुल 121 सक्रिय केस हैं। हालांकि, सिर्फ 19 मरीज ही अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में मरीजों की संख्या कम होेने से 17 दिन में संक्रमण से एक भी जान नहीं गई है, जबकि एक माह पहले स्थिति इससे विपरीत थी। संक्रमितों में से 70 फीसदी तक अस्पताल में थे। ऐसे में कोरोना से मौतों का सिलसिला जारी था। एक महीने से केस के साथ संक्रमण से होने वाली मौतें भी कम हो गई हैं। मामले कम होने से कई अस्पताल का कोविड दर्जा खत्म कर दिया गया है।
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4,539 बेड पर सिर्फ 19 मरीज
एक समय कोविड कमांड सेंटर के पोर्टल पर 75 अस्पताल पंजीकृत थे। अब इनकी संख्या 37 ही रह गई है। इनमें से 30 ऐसे हैं जिनके सभी बेड खाली हैं। कुल बेड की संख्या भी 30 दिन में 6150 से 4539 रह गई है। इन पर महज 19 मरीज ही भर्ती हैं।
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रोजाना 15 हजार से ज्यादा जांच
संक्रमण कम होने के बाद भी राजधानी में सैंपल लेने का सिलसिला जारी है। इस समय रोजाना 15 हजार से ज्यादा जांच हो रही है। अन्य राज्यों से आने वालों के साथ उनके संपर्क में आने वालों के भी नमूने लिए जा रहे हैं। इसका मकसद संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित और इसका पता लगाना है।
21 जून की स्थिति
नए केस- सक्रिय केस- होम आइसोलेशन- भर्ती- भर्ती प्रतिशत
25- 321- 96- 225- 70
06 जुलाई की स्थिति
नए केस- सक्रिय केस- होम आइसोलेशन- भर्ती- भर्ती प्रतिशत
15- 167- 139- 28- 17
16 जुलाई की स्थिति
नए केस- सक्रिय केस- होम आइसोलेशन- भर्ती- भर्ती प्रतिशत
18- 121-102- 19- 15
ऑक्सीजन, दवा और बेड की उपलब्धता से पड़ा असर
इस समय अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में कोविड के बेड हैं। ऑक्सीजन और दवाओं की भी प्रचुरता है। संक्रमित जरा भी समस्या पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण से होने वाली मौतों पर रोक गई है।
डॉ. डी हिमांशु, चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू
सिर्फ चार मरीज आईसीयू में
केजीएमयू में इस समय कोरोना के नौ मरीज ही भर्ती हैं। इनमें से चार आईसीयू में हैं। हालांकि, उनकी स्थिति नियंत्रण में है। अस्पताल में संसाधन बढ़ने तथा केस कम होने की वजह से मृत्युदर बिल्कुल कम हो गई है।
डॉ. सूर्यकांत, कोविड प्रबंधन अधिकारी, केजीएमयू
ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में
कोरोना संक्रमण के मामले अब गंभीर नहीं हैं। ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जिन्हें कुछ समस्या है सिर्फ उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें से गंभीर मरीजों की संख्या बेहद कम है।
डॉ. योगेश रघुवंशी, प्रवक्ता, सीएमओ