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इमरजेंसी से भी बदतर हालात, एकजुट होंगे तो 1977 से बड़ी जीत मिलेगी: यशवंत

Thu, 11 Oct 2018 10:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 11 Oct 2018 10:07 PM IST
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present condition is worst than emergency
सपा कार्यालय में मौजूद अखिलेश यादव, यशवंत सिन्हा व शत्रुघ्न सिन्हा

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और मशहूर फिल्म अभिनेता व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले किए। यशवंत सिन्हा ने कहा कि अब दुर्योधन व दुशासन से लड़ने का समय आ गया है। देश में इमरजेंसी से भी बदतर हालात हैं।

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यशवंत सपा के प्रदेश कार्यालय में लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती पर कायस्थ समाज की ओर से आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मंच साझा किया। यशवंत ने कहा कि कायस्थ समाज ने राजनीति, प्रशासन, फिल्म समेत हर क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज का नेतृत्व किया है। देश के सामने आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए अब उसे एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा।
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अगर अब भी नहीं चेते तो बहुत बड़ा नुकसान होगा। जयप्रकाश नारायण को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि अत्याचार, दुराचार और भ्रष्टाचार की सरकार के खिलाफ लड़ें। यदि हम मिलकर लड़ेंगे तो 2019 में 1977 से बड़ी जीत हासिल करेंगे। इस मौके पर पूर्व लोकायुक्त जस्टिस एससी वर्मा और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन भी मौजूद थे।

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कैबिनेट मंत्रियों को पता नहीं, फैसले हो गए

यशवंत सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री कैबिनेट का मुखिया होते हैं लेकिन बराबरी में वह मंत्रिपरिषद में पहले नंबर पर होते हैं। आज कैबिनेट मंत्रियों की स्थिति क्या है? जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापसी और राज्यपाल शासन का फैसला होता है, लेकिन गृहमंत्री को जानकारी नहीं होती। राफेल सौदा हो जाता है लेकिन रक्षामंत्री को पता नहीं रहता।

नोटबंदी होने वाली है लेकिन कैबिनेट मीटिंग से पहले वित्तमंत्री को इसका पता नहीं लगता? कहा, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मैं भी विदेश मंत्री रहा हूं। मुझे याद नहीं कि विदेश दौरे से पहले प्रधानमंत्री ने मुझसे चलने के लिए न कहा हो लेकिन अब विदेश मंत्री से कभी दौरे पर चलने के लिए नहीं कहा जाता। वह बैठकर ट्वीट करती हैं। लोग उन्हें ट्विटर मंत्री या वीसा मंत्री कहने लगे।

यशवंत ने कहा, पिछले दिनों लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। सभी जानते हैं कि उनका बचपन कितनी गरीबी में बीता, लेकिन क्या किसी को याद है कि शास्त्री ने कभी कहा हो कि वह गरीब परिवार से हैं। प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि वह दावा करते हैं कि स्टेशन पर चाय बेचते थे लेकिन वह स्टेशन तो तब बना ही नहीं था

राफेल पर सवालों के जवाब चाहता है देश : शत्रुघ्न 

सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राफेल पर देश सवालों के जवाब चाहता है। उन्होंने मोदी सरकार को वन मैन शो और टू मैन आर्मी बताया। कहा, वाजपेयी की सरकार में लोकशाही थी, आज तानाशाही है। उन्होंने फिर दोहराया, यदि सच कहना बगावत है तो हम भी बागी हैं। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, दद्दा अब खोखले जुमलों, भाषणों से काम नहीं चलेगा।

व्यक्ति से बड़ी पार्टी और पार्टी से बड़ा देश होता है। हम देशहित की बात कर रहे हैं, लोगों की पीड़ा जाहिर कर रहे हैं, इसमें गलत क्या है? उन्होंने कहा, नोटबंदी पार्टी का फैसला नहीं था। पार्टी का फैसला होता तो आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा जैसे बड़े नेताओं और उनके जैसे कार्यकर्ताओं को जानकारी होती। नोटबंदी से उबरे नहीं थे कि जटिल जीएसटी लागू कर दी। 

अखिलेश ने पीएम, सीएम पर उठाए सवाल

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीएम मोदी व सीएम योगी पर सवाल खड़े किए। बोले, प्रधानमंत्री कहते हैं कि गुरु नानक और कबीर दास समाज के बारे में बैठकर विचार करते थे। जिस मंच पर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण लीडर जमा होते हैं, वहां कहते हैं कि मुझे 600 करोड़ लोगों ने चुनकर भेजा है। सीएम योगी बंदर के आतंक से मुक्ति के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह देते हैं। कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए ठोकने की बात करते हैं। इसी का नतीजा है कि लखनऊ में निर्दोष को पुलिस ने मार डाला।  
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