अयोध्या में धर्मसभा के लिए गतिविधियां तेज, पुलिस की तैयारियां सुस्त, लोगों के जुटने का सिलसिला शुरू
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अयोध्या में 25 नवंबर को प्रस्तावित धर्मसभा को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं लेकिन पुलिस महकमे की तैयारियां सुस्त दिखाई दे रही हैं। अयोध्या में लोगों के जुटने का सिलसिला शुरू हो चुका है। भारी संख्या में लोगों के अयोध्या में जुटने की सूचना पर आला पुलिस अफसर कानून-व्यवस्था को लेकर खासे परेशान दिख रहे हैं।
हालांकि, फैजाबाद के एसएसपी जोगेंद्र कुमार की मांग पर 1400 सिपाही और कुछ डीएसपी मिल गए हैं। एसएसपी के मुताबिक उन्होंने 20 कंपनी पीएसी व दो कंपनी आरएएफ की मांग की है। खुफिया विभाग ने अयोध्या में इस मौके पर एक लाख या इससे अधिक की भीड़ जुटने के अंदेशे के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा हुआ है।
मंदिर निर्माण के मुद्दे पर जनभावना को देखते हुए उच्च अधिकारी वहां किसी तरह का टकराव होने के अंदेशे को भी नकार नहीं रहे। वे लगातार अयोध्या की नब्ज का इनपुट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद की ओर से धर्मसभा के आयोजन से सत्ताधारी दल का परोक्ष जुड़ाव होने की वजह से आला अफसर वहां अधिक संख्या में फोर्स तैनात करने में हिचक रहे हैं और वहां सख्ती भी नहीं की जा पा रही है।
भीड़ के कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने पर सूचना देने का आदेश
खुफिया विभाग को अयोध्या में हो रही हर गतिविधि पर नजर रखने को कहा गया है। उसे कहा है कि 25 नवंबर को अयोध्या में जुटने वाली भीड़ के किसी भी ऐसे कदम जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो, उसकी सूचना तत्काल दी जाए।
सूत्रों के अनुसार, खुफिया विभाग इस मौके पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का सीधा असर अयोध्या व आस-पास के जिलों के अल्पसंख्यक समुदाय पर पड़ने का अंदेशा जता चुका है। राम जन्मभूमि मामले में बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी भी ऐसी ही आशंका जता चुके हैं।
अल्पसंख्यक समुदाय के कई परिवारों के अयोध्या से पलायन की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। इकबाल अंसारी की मांग पर उन्हें सुरक्षा मुहैया जरूर कराई गई है, पर अयोध्या के माहौल में एक अलग करंट होने से अफसर भी इनकार नहीं कर रहे।