फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Preparations underway to implement Gharauni law through ordinance, Revenue Department sends proposal.

UP: घरौनी कानून को अध्यादेश के जरिये लागू करने की तैयारी, राजस्व विभाग ने भेजा प्रस्ताव

Sun, 27 Apr 2025 10:37 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 27 Apr 2025 10:37 PM IST
सार

यूपी में घरौनी कानून को अध्यादेश के जरिये लागू करने की तैयारी की जा रही है। राजस्व विभाग ने इस पर प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द ही इस पर निर्णय हो सकता है।

विज्ञापन
Preparations underway to implement Gharauni law through ordinance, Revenue Department sends proposal.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश में घरौनी कानून को अध्यादेश के जरिये लागू करने की तैयारी है। इसी अध्यादेश के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के सर्वे और मालिकाना हक के लिए विधेयक लाया जाएगा। विधेयक में यह प्रावधान होगा कि सरकार दो साल तक इसमें कोई भी संशोधन अपने स्तर से कर सकेगी। राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है, जल्द ही इस पर निर्णय हो सकता है।

विज्ञापन


ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी वाले हिस्सों पर मालिकाना हक पहले राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। इससे विवाद की स्थिति में दिक्कतें होती थीं। घर बनाने के लिए बैंकों से लोन भी नहीं मिल पाता था। इन दिक्कतों से पार पाने के लिए सरकार ने 8 अक्तूबर 2020 को ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी का सर्वे और घरौनी प्रबंधन नियमावली की अधिसूचना जारी की थी। लेकिन, यह नियमावली किसी अधिनियम के अधीन नहीं है। इसलिए मामले अदालतों में फंस रहे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - पहलगाम हमला: अखिलेश यादव की मांग, आतंकी घटना के मृतक आश्रितों को 10-10 करोड़ और नौकरी दे सरकार
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - पहलगाम हमले पर टिप्पणी को लेकर गायिका नेहा सिंह राठौर पर एफआईआर दर्ज, देशविरोधी पोस्ट करने का आरोप


अब सरकार ने ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 का प्रारूप तैयार करवाया है। इसमें 2020 की अधिसूचना के सभी प्रावधानों को शामिल किया गया है। साथ ही घरौनी पर किसी भी पक्ष को आपत्ति करने और दस्तावेज में संशोधन का अधिकार भी दिया जा रहा है। विधेयक की प्रक्रिया को विधानमंडल के माध्यम से पूरा करवाने में वक्त लगेगा। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, ऐसे में सरकार इस विधेयक को अध्यादेश के माध्यम से लागू करने के अपने अधिकार का प्रयोग करेगी। बता दें, अध्यादेश को छह माह के भीतर विधेयक के रूप में सदन में रखने का प्रावधान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed