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अयोध्या में वैश्विक मेगा सिटी बसाने की तैयारी : छह दिसंबर को सीएम योगी कर सकते हैं 12 सौ एकड़ में वैदिक सिटी का शुभारंभ
Mon, 22 Nov 2021 10:59 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 22 Nov 2021 10:59 AM IST
सार
- 1992 में विवादित ढांचा गिराने से इस तिथि की दो दशक पुरानी पहचान भी बदलेगी
- विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं समेत पांच देशों व कई राज्यों के बनेंगे अतिथि गृह
- दिंसबर माह में विजन डॉक्यूमेंट की विभिन्न योजनाओं समेत इंवेस्टर्स मीट होगी
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रामलला स्वर्ण मुकुट धारण किए हुए।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रामनगरी को विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं से युक्त मेगा सिटी बनाने के लिए प्रस्तावित वैदिक सिटी ग्रीन टाउनशिप योजना का शुभारंभ 06 दिसंबर को हो सकता है। इस दिन का अयोध्या के इतिहास में खासा महत्व है। 9 नवंबर 2019 को राममंदिर पर फैसला आने से पहले इस तिथि को 1992 में हुए विवादित ढांचा विध्वंस से जोड़कर शौर्य व यौम-ए-गम के रूप में कई संगठन मनाते रहे हैं। अब 1200 एकड़ में बनने वाली वैदिक सिटी का शिलान्यास कार्य होते ही यह तिथि यहां के प्रगति की सूचक बन जाएगी।
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आवास विकास विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दिसंबर माह में समय मांगा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शुभारंभ का दिन छह दिसंबर तय हो सकता है। समय निर्धारित होते ही वैदिक सिटी का भूमि पूजन कर माझा इलाके में मशीनें उतर जाएंगी और तेजी से कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा दिंसबर माह में विजन डॉक्यूमेंट की विभिन्न योजनाओं समेत इंवेस्टर्स मीट जैसे प्रमुख आयोजन प्रस्तावित हैं।
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अयोध्या में विकास कार्यों के 257 कार्य प्रस्तावित हैं, लेकिन प्रमुख योजनाओं में एक वैदिक सिटी ग्रीन टाउनशिप योजना है। इसे नव्य अयोध्या भी कहते हैं। यह सिटी विश्व स्तर की आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ सरयू नदी के किनारे बसे तीन गांव मांझा बरेहटा, मांझा तिहुरा व मांझा शाहनवाजपुर में परवान चढ़नी है।
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तीनों ग्राम सभाओं की 1200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो रहा है। जिसके सापेक्ष अब तक लगभग 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। इसमें मांझा शाहनवाजपुर की चिंहित 90 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। जबकि मांझा बरेहटा व मांझा तिहुरा में भी 50 प्रतिशत से अधिक भूमि को किसानों की सहमति के आधार पर अधिग्रहण किया जा चुका है। अब आवास विभाग इसमें चरणवार कार्य शुरू करने जा रही है।
आवास विकास ने मुख्यमंत्री से मांगा समय
आवास विकास विभाग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दिसंबर में शिलान्यास का समय देने की मांग की है। इसके साथ ही दिसंबर में ही विजन डॉक्यूमेंट की कई बड़ी योजनाओं का शिलान्यास की तैयारी चल रही है। रिवर फ्रंट व रामनगरी की भीतरी सड़कों का शिलान्यास भी हो सकता है। इसके अलावा अयोध्या में प्राईवेट पार्टनरशिप के लिए एक बड़ी इंवेस्टर्स मीट का आयोजन भी होने जा रहा है। इसमें देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों को अयोध्या के विकास में अपनी सहभागिता पेश करने का अवसर होगा। इसमें इंवेस्ट का लक्ष्य पांच हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
अयोध्या में प्रस्तावित वैदिक सिटी ग्रीन टाउनशिप योजना का शिलान्यास दिसंबर माह में होगा। अभी इसकी तिथि फाइनल नहीं हुई है। दिसंबर माह में भूमि पूजन के साथ कार्य की शुरूआत हो जाएगी।- ओपी पांडेय, अधीक्षण अभियंता आवास विभाग
रामनगरी में 21 एकड़ में बनेगा रामायण विवि
रामनगरी में शोध के लिए 21 एकड़ में रामायण विश्वविद्यालय बनेगा। इसकी रूपरेखा महर्षि विद्यापीठ ट्रस्ट की ओर से तय कर ली गई है। इसका शिलान्यास दो दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं। ट्रस्ट की ओर से तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन इसकी तिथि बदल भी सकती है।
ट्रस्टी श्रद्घानंद श्रीवास्तव ने बताया है कि 21 एकड़ में रामायण विवि बनाया जाना तय हुआ है। उन्होंने बताया है कि भवन निर्माण के बाद विश्वविद्यालयों में निर्धारित विभाग खोले जाएंगे। विशेष रूप से रामायण शोध से जुड़े विभागों को खोला जाएगा। इसके साथ ही संस्कृत व हिंदी भाषा को विवि में प्रमुख स्थान होगा।
उन्होंने बताया है कि कार्यक्रम की शुरुआत 30 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए तीन दिन विशेष प्रकार के अनुष्ठान व हवन होंगे। दो दिसंबर को अनुष्ठान का समापन होगा। समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आएंगे व भूमि का पूजन कर नींव रखेंगे। हालांकि उन्होंने बताया है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कुछ फेरबदल हो सकता है। यह तिथि आगे या पीछे हो सकती है।