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एकेटीयूः कोरोना के कारण एक भी स्टूडेंट परीक्षा से नहीं होगा वंचित
Fri, 26 Jun 2020 03:58 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 26 Jun 2020 03:58 PM IST
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एकेटीयू
- फोटो : amar ujala
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने शासन के निर्देशानुसार सेमेस्टर परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी है। वर्तमान हालातों के मद्देनजर विवि प्रशासन कोरोना संक्रमण से बचाव के तमाम उपाय कर रहा है। साथ ही परीक्षा के दौरान अगर कोई छात्र संक्रमण से प्रभावित भी होता है तो ऐसे स्टूडेंट्स के स्वस्थ होने पर विशेष परीक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि उसका सत्र खराब न हो और डिग्री भी समय पर मिल जाए।
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कोरोना से प्रभावित या उसका इलाका संक्रमित जोन में आने का छात्र को प्रमाण और कागजात उपलब्ध कराने होंगे। इतना ही नहीं विवि संबंधित कॉलेज से भी इसका वेरिफिकेशन व प्रमाण लेगा। इसके बाद ही इसके बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि विवि पहले ही ये निर्णय ले चुका है कि अगर कोई छात्र, शिक्षक या कर्मचारी परीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमित होने पर, सीएमओ द्वारा प्रमाणित करने पर उसके उपचार आदि में आने वाला खर्च विवि छात्र/कर्मचारी कोष से वहन करेगा। वहीं, परीक्षा केंद्र में बेहतर सैनिटाइजेशन आदि की व्यवस्था के लिए 25 लाख का अतिरिक्त बजट भी स्वीकृत कर चुका है ताकि किसी तरह की दिक्कत न होने पाए।
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परीक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का दायरा बढ़ाएंगे
एकेटीयू परीक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए परीक्षा केंद्रों में विद्यार्थियों की संख्या 500 से भी कम करेगा। परीक्षा तीन पालियों में होगी। इसलिए विवि ऐसी व्यवस्था कर रहा है कि एक पाली में मात्र 150 से 200 स्टूडेंट्स ही आए। एक पाली के स्टूडेंट्स के निकलने के बाद दूसरी पाली के स्टूडेंट्स आएंगे। अंतिम वर्ष की परीक्षा में 60 हजार स्टूडेंट्स के लिए लगभग 150 केंद्र बनेंगे और तीन पालियों में परीक्षा होगी। परीक्षा केंद्र फाइनल करने का काम भी जल्द पूरा होगा।
कुछ रिजर्व परीक्षा केंद्र भी बनाएंगे
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए विवि अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। इसीलिए वह हर जिले में एक परीक्षा केंद्र रिजर्व रखेगा ताकि अगर किसी केंद्र में कोई कोरोना प्रभावित विद्यार्थी मिलता है तो उसे अलग रखा जा सके। वहीं, अगर पर्याप्त समय रहता है तो उस केंद्र की परीक्षा दूसरे केंद्र में कराई जा सके। साथ ही हर परीक्षा केंद्र पर मेडिकल से जुड़ी आवश्यक व्यवस्था रहेगी, जिसमें गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर कमरे का सैनिटाइजेशन तक शामिल है। विद्यार्थियों को आरोग्य सेतु ऐप भी अनिवार्य किया गया है।
हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के केस काफी तेजी से बढ़े हैं। इसे देखते हुए परीक्षा के आयोजन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इसके साथ ही अगर कोई स्टूडेंट्स कोरोना संक्रमित या प्रभावित है या हो जाता है और वो परीक्षा में नहीं शामिल हो सकता है तो उसके लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। जब वह पूरी तरह स्वस्थ होगा तो उसकी परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए उससे नियमानुसार आवेदन लिया जाएगा। कॉलेज को भी इसमें शामिल किया जाएगा। - प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, एकेटीयू
कुछ रिजर्व परीक्षा केंद्र भी बनाएंगे
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए विवि अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। इसीलिए वह हर जिले में एक परीक्षा केंद्र रिजर्व रखेगा ताकि अगर किसी केंद्र में कोई कोरोना प्रभावित विद्यार्थी मिलता है तो उसे अलग रखा जा सके। वहीं, अगर पर्याप्त समय रहता है तो उस केंद्र की परीक्षा दूसरे केंद्र में कराई जा सके। साथ ही हर परीक्षा केंद्र पर मेडिकल से जुड़ी आवश्यक व्यवस्था रहेगी, जिसमें गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर कमरे का सैनिटाइजेशन तक शामिल है। विद्यार्थियों को आरोग्य सेतु ऐप भी अनिवार्य किया गया है।
हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के केस काफी तेजी से बढ़े हैं। इसे देखते हुए परीक्षा के आयोजन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इसके साथ ही अगर कोई स्टूडेंट्स कोरोना संक्रमित या प्रभावित है या हो जाता है और वो परीक्षा में नहीं शामिल हो सकता है तो उसके लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। जब वह पूरी तरह स्वस्थ होगा तो उसकी परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए उससे नियमानुसार आवेदन लिया जाएगा। कॉलेज को भी इसमें शामिल किया जाएगा। - प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति, एकेटीयू