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Lucknow News: छह हजार रुपये के लिए गर्भवती को ओटी से निकाला, अटेंडेंट बर्खास्त
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लखनऊ। बीकेटी स्थित राम सागर मिश्र अस्पताल में घूसखोरी की हद पार हो गई। आरोप है कि छह हजार रुपये न देने पर गर्भवती को ऑपरेशन थिएटर (ओटी) से बाहर कर दिया गया। पति ने दर्द बयां करते हुए वीडियो बनाकर बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस पर संज्ञान लिया। उनकी सख्ती के बाद आरोपी महिला डॉक्टर को अस्पताल से हटाकर ओटी अटेंडेंट को बर्खास्त कर दिया गया। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए हैं।
बीकेटी के भवानीपुर निवासी लल्ला बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गर्भवती पत्नी धर्मी को राम सागर मिश्र अस्पताल लेकर पहुंचे थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिंह ने जांच के बाद ऑपरेशन से प्रसव की सलाह दी। धर्मी को ओटी में ले जाया गया। आरोप है कि लल्ला को बुलाकर छह हजार रुपये जमा करने के लिए कहा गया। उन्होंने इससे मना कर दिया। लल्ला का यह भी आरोप है कि इस पर ऑपरेशन टाल दिया गया। कुछ देर बाद पत्नी को ओटी से बाहर कर दिया गया। उन्हें रुपये का इंतजाम करने या दूसरे अस्पताल भेजे जाने की धमकी दी गई। इसके बाद लल्ला ने वीडियो में आपबीती बताई।
वायरल वीडियो पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को संज्ञान लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मंडलीय अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता को तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरे मामले की रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब की है। मंडलीय अपर निदेशक ने आरोपी डॉक्टर पूजा सिंह को माल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। इटौंजा सीएचसी की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शबा आफरीन को राम सागर मिश्र अस्पताल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। ओटी अटेंडेंट देवेंद्र कुमार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। लखनऊ मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. उमेश सचान को मामले की जांच सौंपी गई है।
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घर से बुलाकर दोबारा किया गया भर्ती
डिप्टी सीएम की सख्ती पर अफसरों ने आननफानन एंबुलेंस भेजवाकर गर्भवती को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया। लोकबंधु अस्पताल से दो यूनिट ब्लड भी बिना डोनर दिलवाया गया। खून चढ़ाने के बाद ही गर्भवती को छुट्टी दी जाएगी। तय तारीख 23 सितंबर पर उसे डिलीवरी के लिए बुलाया जाएगा।
वर्जन
गर्भवती का हीमोग्लोबिन 7.6 था। डिलीवरी की तारीख 23 सितंबर है। महिला को पेट दर्द उठने पर बुधवार को भर्ती किया गया था। दवा देने पर वह ठीक हो गई थी। परिजनों से दो यूनिट खून लाने के लिए कहा गया था। परिजनों की सहमति पर एंबुलेंस बुलाकर गर्भवती को घर भेजवाया गया। रुपये मांगने का आरोप बेबुनियाद है।
- डॉ. पूजा सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ
वर्जन
मरीज से रुपये मांगने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जा रही है। आरोपी डॉक्टर को हटाने के साथ ओटी अटेंडेंट को बर्खास्त कर दिया गया है। सरकारी अस्पताल में जांच व इलाज पूरी तरह से मुफ्त है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम
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बीकेटी के भवानीपुर निवासी लल्ला बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गर्भवती पत्नी धर्मी को राम सागर मिश्र अस्पताल लेकर पहुंचे थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिंह ने जांच के बाद ऑपरेशन से प्रसव की सलाह दी। धर्मी को ओटी में ले जाया गया। आरोप है कि लल्ला को बुलाकर छह हजार रुपये जमा करने के लिए कहा गया। उन्होंने इससे मना कर दिया। लल्ला का यह भी आरोप है कि इस पर ऑपरेशन टाल दिया गया। कुछ देर बाद पत्नी को ओटी से बाहर कर दिया गया। उन्हें रुपये का इंतजाम करने या दूसरे अस्पताल भेजे जाने की धमकी दी गई। इसके बाद लल्ला ने वीडियो में आपबीती बताई।
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वायरल वीडियो पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को संज्ञान लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मंडलीय अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता को तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरे मामले की रिपोर्ट एक सप्ताह में तलब की है। मंडलीय अपर निदेशक ने आरोपी डॉक्टर पूजा सिंह को माल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। इटौंजा सीएचसी की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शबा आफरीन को राम सागर मिश्र अस्पताल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। ओटी अटेंडेंट देवेंद्र कुमार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। लखनऊ मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. उमेश सचान को मामले की जांच सौंपी गई है।
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घर से बुलाकर दोबारा किया गया भर्ती
डिप्टी सीएम की सख्ती पर अफसरों ने आननफानन एंबुलेंस भेजवाकर गर्भवती को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया। लोकबंधु अस्पताल से दो यूनिट ब्लड भी बिना डोनर दिलवाया गया। खून चढ़ाने के बाद ही गर्भवती को छुट्टी दी जाएगी। तय तारीख 23 सितंबर पर उसे डिलीवरी के लिए बुलाया जाएगा।
वर्जन
गर्भवती का हीमोग्लोबिन 7.6 था। डिलीवरी की तारीख 23 सितंबर है। महिला को पेट दर्द उठने पर बुधवार को भर्ती किया गया था। दवा देने पर वह ठीक हो गई थी। परिजनों से दो यूनिट खून लाने के लिए कहा गया था। परिजनों की सहमति पर एंबुलेंस बुलाकर गर्भवती को घर भेजवाया गया। रुपये मांगने का आरोप बेबुनियाद है।
- डॉ. पूजा सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ
वर्जन
मरीज से रुपये मांगने का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जा रही है। आरोपी डॉक्टर को हटाने के साथ ओटी अटेंडेंट को बर्खास्त कर दिया गया है। सरकारी अस्पताल में जांच व इलाज पूरी तरह से मुफ्त है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम