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निजीअस्पताल में मरीज की मौत, जिंदा बताकर क्वीन मेरी भेजा, जमकर हंगामा
Thu, 27 Dec 2018 03:03 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Dec 2018 03:03 PM IST
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लखनऊ के बाजारखाला स्थित सेंट मेरी अस्पताल में मंगलवार रात ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई। बावजूद इसके अस्पताल ने हालत गंभीर होने की बात कहते हुए उसे क्वीन मेरी भेज दिया। वहां डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि महिला की आधे घंटे पहले ही मौत हो चुकी है।
इससे गुस्साए तीमारदार शव लेकर वापस निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। उधर, सीएमओ ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
ऐशबाग पीली कॉलोनी के अतुल श्रीवास्तव की पत्नी प्रियंका (33) को पांच माह का गर्भ था।
गर्भपात के बाद अतुल मंगलवार शाम उसे सेंट मेरी अस्पताल लेकर पहुंचे। शाम 7 बजे प्रियंका को ओटी में ले जाया गया। रात 11 बजे उसे बाहर लाया गया। कुछ देर बाद हालत बिगड़ने पर डॉक्टर उसे दोबारा ओटी में ले गए। इसके बाद करीब 12 बजे हालत गंभीर बताकर क्वीन मेरी रेफर कर दिया।
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तीमारदार प्रियंका को क्वीन मेरी की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने जांच कर आधा घंटे पहले ही मौत हो जाने की बात कही। अतुल श्रीवास्तव का कहना था कि पत्नी की मौत हो जाने के बावजूद निजी अस्पताल प्रशासन ने उसे जिंदा बताकर क्वीन मेरी भेज दिया।
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इससे गुस्साए तीमारदार शव लेकर वापस निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। उधर, सीएमओ ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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ऐशबाग पीली कॉलोनी के अतुल श्रीवास्तव की पत्नी प्रियंका (33) को पांच माह का गर्भ था।
गर्भपात के बाद अतुल मंगलवार शाम उसे सेंट मेरी अस्पताल लेकर पहुंचे। शाम 7 बजे प्रियंका को ओटी में ले जाया गया। रात 11 बजे उसे बाहर लाया गया। कुछ देर बाद हालत बिगड़ने पर डॉक्टर उसे दोबारा ओटी में ले गए। इसके बाद करीब 12 बजे हालत गंभीर बताकर क्वीन मेरी रेफर कर दिया।
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तीमारदार प्रियंका को क्वीन मेरी की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने जांच कर आधा घंटे पहले ही मौत हो जाने की बात कही। अतुल श्रीवास्तव का कहना था कि पत्नी की मौत हो जाने के बावजूद निजी अस्पताल प्रशासन ने उसे जिंदा बताकर क्वीन मेरी भेज दिया।
ठेके पर बुलाया था डॉक्टर
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- फोटो : amar ujala
इसके बाद तीमारदार शव लेकर वापस अस्पताल लौटे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सीएमओ डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि तीमारदार से अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिलहाल टीम गठित कर दी गई है। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।
अतुल श्रीवास्तव का आरोप है कि अस्पताल के पास कोई विशेषज्ञ न होने पर ठेके पर डॉक्टर बुलाया गया। उसने उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया, जिसमें चूक से ही मौत हुई है। अतुल का यह भी आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर करीब 30 हजार रुपये भी वसूले गए, जबकि बिल 60 हजार का बनाया था।
इलाज में कोई कोताही नहीं
तीमारदार के आरोप गलत है। कहा इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हुई थी। हालत बिगड़ने पर तीमारदार मरीज को लेकर आए थे। - डॉ. राजेश गुप्ता, अस्पताल संचालक
अतुल श्रीवास्तव का आरोप है कि अस्पताल के पास कोई विशेषज्ञ न होने पर ठेके पर डॉक्टर बुलाया गया। उसने उनकी पत्नी का ऑपरेशन किया, जिसमें चूक से ही मौत हुई है। अतुल का यह भी आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर करीब 30 हजार रुपये भी वसूले गए, जबकि बिल 60 हजार का बनाया था।
इलाज में कोई कोताही नहीं
तीमारदार के आरोप गलत है। कहा इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं हुई थी। हालत बिगड़ने पर तीमारदार मरीज को लेकर आए थे। - डॉ. राजेश गुप्ता, अस्पताल संचालक