टीपू का कमिटमेंट, 1.75 लाख घरों को बिजली
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प्रदेश सरकार खराब बिजली व्यवस्था का तोड़ निकालने में जी जान से जुट गई है, वहीं सरकार ने भी अपना वादा दोहराया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव आलोक रंजन ने प्रदेश के 1.75 लाख मजरों में सितंबर 2016 तक बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी ट्रांसफार्मर व अन्य उपकरणों की व्यवस्था की जाए। इन मजरों में रहने वाले 1.72 लाख बीपीएल परिवारों को मुफ्त कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य सचिव शुक्रवार को ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
बनेंगे 122 उपकेंद्र
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए पारेषण के 122 बिजली उपकेंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। लोड बढ़ने के कारण पारेषण के 103 बिजली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाए।
अनपरा डी, हरदुआगंज विस्तार, पनकी विस्तार, ओबरा सी, घाटमपुर व मेजा तापीय विद्युत परियोजना के लंबित कार्य समय से पूरे किए जाएं। प्रदेश के 201 तहसील मुख्यालयों में से 166 तहसीलों में 33/11 केवी के उपकेंद्रों का निर्माण इसी साल अक्तूबर तथा बाकी तहसीलों में अगले साल मार्च तक हर हाल में काम पूरा कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने वैकल्पिक ऊर्जा के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खुद लोहिया ग्रामों में लगाई जा रही सोलर स्ट्रीट लाइट का स्थलीय निरीक्षण करें।
पास हो गया है बजट
मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1200 सोलर पंपों की स्थापना के लिए रकम उपलब्ध करा दी गई है।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव वैकल्पिक ऊर्जा जीवेश नंदन, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक उप्र विद्युत उत्पादन निगम कामरान रिजवी, प्रबंध निदेशक पावर कॉर्पोरेशन एपी मिश्रा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
सरकारी विभागों पर करोड़ों का बिल बकाया
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी विभागों पर बिजली बिल के करोड़ों रुपये बकाया हैं। इससे बिजली कंपनियों की हालत और खराब हो रही है। सिंचाई, जल संस्थान, नगर निगम, नदी प्रदूषण, स्थानीय निकाय आदि विभागों पर ही करीब 3484 करोड़ रुपये बकाया हैं।
वहीं अन्य सरकारी कार्यालयों पर भी लगभग 1993 करोड़ रुपये बकाया हैं। मुख्य सचिव ने सात अगस्त को इन विभागों से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं।