सरचार्ज घटा अब कम आएगा बिजली का बिल
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यह सरचार्ज विद्युत वितरण कंपनियों की परफॉर्मेंस के आधार पर 0.73 से लेकर 2.84 फीसदी तक था।
नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने बताया कि यह राहत टैरिफ ऑर्डर को परफॉर्मेंस से लिंक करने की वजह से मिली है।
हालांकि उन्होंने बताया कि रेगुलेटरी सरचार्ज-2 अभी लागू रहेगा। यह कुल बिजली बिल पर 4.28 फीसदी लगता है।
कितना था सरचार्ज
1.14 फीसदी : दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
0.73 फीसदी : मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
2.84 फीसदी : पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
1.03 फीसदी : पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
एक हजार के बिल पर 28 रुपये तक बचत
मध्यांचल उपभोक्ताओं के 7.30 रुपये बचेंगे।
पश्चिमांचल उपभोक्ताओं के 28.40 रुपये बचेंगे।
दक्षिणांचल के उपभोक्ताओं के 11.40 रुपये।
पूर्वांचल के उपभोक्ताओं के करीब 10 रुपये कम होंगे।
गलत रीडिंग देने को नहीं माना जाएगा बिजली चोरी
नियामक आयोग ने साफ कर दिया है कि मीटर द्वारा गलत रीडिंग देने को बिजली चोरी नहीं माना जाएगा। पावर कार्पोरेशन ने इसे बिजली चोरी मानने का प्रस्ताव दिया था। सोमवार को सप्लाई कोड रिव्यू पैनल सब कमेटी में उपभोक्ता परिषद के विरोध के बाद नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। साथ ही दोनों पक्षों से 20 दिनों में अपना लिखित मत देने को कहा।