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7 अक्टूबर से जारी हो पाएंगी नई बिजली दरें?

Tue, 30 Sep 2014 01:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 30 Sep 2014 01:23 PM IST
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power price increased

बिजली की नई दरों का ऐलान फिर से पेंच में पड़ सकता है। जिन नई बिजली दरों को सात अक्टूबर से लागू किया जाना था उसमें अब कुछ देरी हो सकती है।

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कॉर्पोरेशन मंडलवार ट्रांसमिशन एवं वितरण तथा एकीकृत तकनीकी एवं वाणिज्यिक लाइन हानियों का ब्यौरा अभी तक उपलब्ध नहीं करा पाया है।

कॉर्पोरेशन ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि मौजूदा समय में बिजली कंपनियां मंडलवार लाइन हानियों के आंकड़े तैयार नहीं करा रही हैं, जैसा कि आयोग चाहता है।
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मंडलवार लाइन हानियों के आंकड़े तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है लेकिन इसमें कुछ वक्त लग सकता है।

पावर कॉर्पोरेशन की ओर से वर्ष 2014-15 के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व टैरिफ प्रस्ताव दाखिल किए जाने के बाद से नियामक आयोग लगातार मंडलवार लाइन हानियों के आंकड़े मांग रहा है ताकि दरों के निर्धारण और परफॉर्मेंस पैरामीटर तय करने में सहूलियत रहे।
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इसी के चलते 12 सितंबर को आयोग ने एक बार फिर कॉर्पोरेशन को पत्र भेजकर कहा था कि लाइन हानियों के आंकड़े उपलब्ध न कराए जाने से दरों के निर्धारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना संभव नहीं हो पा रहा है इसलिए इसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

इस पत्र का जवाब देते हुए 17 दिन बाद कार्पोरेशन की रेग्युलेटरी अफेयर यूनिट (आरएयू) के अधीक्षण अभियंता जयंत वर्मा ने फिलहाल लाइन हानियों के आंकड़े उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। कॉर्पोरेशन का जवाब मिलने के बाद आयोग दरों के ऐलान को लेकर असमंजस में है।

शासन और कॉर्पोरेशन प्रबंधन आयोग पर जल्द से जल्द टैरिफ ऑर्डर जारी करने का दबाव बनाए हुए हैं। कॉर्पोरेशन चाहता है कि आयोग 1 अक्तूबर को दरों का ऐलान कर दे ताकि 7 अक्तूबर से नई दरें प्रभावी हो जाएं।

आयोग दुविधा में फंसा है क्योंकि दरों को अंतिम रूप देने के लिए उसने जो आंकड़े मांगे थे वह उपलब्ध नहीं कराए गए। ऐसे में आयोग स्वत: लाइन हानियों का संज्ञान लेते हुए दरों को अंतिम रूप दे सकता है लेकिन इसे लेकर विवाद भी खड़ा हो सकता है।


सूत्रों का कहना है कि कॉर्पोरेशन पोल खुलने के डर से मंडलवार लाइन हानियों का ब्यौरा देने से कतरा रहा है। दरअसल जिन वीवीआईपी क्षेत्रों में ज्यादा बिजली दी जा रही है वहीं सबसे ज्यादा लाइन हानियां हैं।

इस मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता ने नियामक आयोग के सामने आपत्ति दर्ज कराई है। इनका कहना है कि जब तक आयोग वास्तविक आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे तब तक नई दरों का ऐलान करना संभव नहीं है।

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