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20 हजार लोगों की बिजली गुल
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 16 Jan 2014 11:03 AM IST
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इंदिरानगर कॉलोनी के 20 हजार से अधिक लोग बुधवार सुबह बिजली संकट से परेशान हुए।
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कोहरे से ओवर हेड 33 केवी लाइन में आई नमी के चलते दो उपकेंद्र मंगलवार आधी रात ठप हो गए।
इससे संबंधित इलाकों में आपूर्ति बाधित रही।
132 केवी पारेषण उपकेंद्र चिनहट से आने वाली ’इंदिरानगर वन’ 33 केवी फीडर में मंगलवार रात 12 बजे तकनीकी खराबी आने से सेक्टर 14 उपकेंद्र ठप हो गया।
रात को ही ‘इंदिरानगर टू’ फीडर से सेक्टर 14 न्यू उपकेंद्र की बिजली चालू करने की कोशिश में पुराना उपकेंद्र भी ठप हो गया।
कुछ फीडर को बंद करने के बाद ‘इंदिरानगर टू’ फीडर से न्यू और ओल्ड उपकेंद्र इलाकों सेक्टर 10 से 16 तक और शिवाजीपुरम, पटेलनगर आदि को बिजली आपूर्ति करने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन सुबह 6:30 बजे ओवर लोडिंग पर दोनो उपकेंद्रों से बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हुआ।
इससे 20,000 उपभोक्ताओं में किसी को एक-एक तो किसी को तीन-तीन घंटे तक कटौती से रूबरू होना पड़ा।
खुद ही ठीक हुई खराबी
मंगलवार रात को जिस लाइन में तकनीकी खराबी आई थी, बुधवार को वह खुद ही ठीक हो गई। एक्सईएन पीके सिंह ने बताया कि सुबह ओवर हेड एवं भूमिगत लाइन की बारीकी से पेट्रोलिंग कराई, पर कोई खराबी नहीं मिली।
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इसके बाद फीडर को चालू कराया तो बिजली आपूर्ति शुरू हो गई। उनका मानना कि कोहरे की नमी से लाइन में खराबी आई थी।
सिविल अस्पताल में पैनल फुंका डेढ़ घंटे बिजली गुल
सिविल अस्पताल के पावर सप्लाई रूम का पैनल बुधवार को अचानक फुंक गया इससे करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल की बिजली गुल रही। इससे वार्डों में अंधेरा छा गया और कई जांच नहीं हो सकीं।
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बाद में जेनरेटर चलाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। बुधवार को सिविल अस्पताल में शाम करीब चार बजे पावर रूम का पैनल अचानक फुंक गया। इससे अस्पताल में अंधेरा छा गया।
फाल्ट ढूंढने में लग रहे समय को देखते हुए कर्मचारियों ने जेनरेटर से आपूर्ति शुरू की। लेकिन इससे सिर्फ गंभीर मरीजों के वार्डों में बिजली की सप्लाई शुरू हो सकी। बाद में अस्पताल में लगे दो छोटे जनरेटर को चला कर बाल रोग वार्ड, हड्डी वार्ड और सर्जरी वार्ड में बिजली की आपूर्ति चालू की गई।
अस्पताल में अचानक बिजली गुल होने से वार्ड में भर्ती मरीजों को दिक्कत हुई वहीं इमरजेंसी में होने वाली कई जांचें बंद रही।
काफी मशक्कत के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे खराब पैनल को ठीक किया जा सका जिसके बाद आपूर्ति चालू हो सकी। इस बीच लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों को लाने ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे कहते हैं कि पैनल में अचानक खराबी आने के चलते कुछ देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रही थी।
हालांकि इस दौरान बिजली की आपूर्ति को चालू रखने के लिए अस्पताल के सभी जनरेटर चलाए गए थे।