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बहुत चला ली एसी, अब हिसाब दो

Mon, 16 Jun 2014 11:08 AM IST
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 16 Jun 2014 11:08 AM IST
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power crisis in uttar pradesh

सूबे में जारी बिजली संकट के बीच अपने घरों में बिजली कर्मी एसी चलाकर खूब मौज काट रहे हैं।

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पावर कॉर्पोरेशन ने पूरे प्रदेश के ऐसे एक लाख 12 हजार कार्यरत एवं सेवानिवृत्त इंजीनियरों एवं कर्मियों से घरों में दिन-रात चल रहे एसी का हिसाब तलब किया है।

इन्हें अब महंगी बिजली ‘पीने’ वाले एसी सहित अन्य उपकरणों का घोषणा पत्र भरकर देना पड़ेगा। उन्हें इसी महीने यह घोषणा पत्र भरना होगा।

असल में ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले को सीधे स्तर पर संज्ञान में लिया और पावर कॉर्पोरेशन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी।

लखनऊ में कुल 15 हजार हैं अफसर

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इसके मद्देनजर पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा ने 13 जून को गोपनीय तरीके से सभी निगमों के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर एसी का इस्तेमाल करने वालों का हिसाब मांगा है।

उन्होंने प्रबंध निदेशकों से कार्यरत और सेवानिवृत्त इंजीनियरों और कर्मियों से जून में ही घोषणा पत्र भरवाने का आदेश किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कर्मचारी मीटर के जरिये बिजली का उपभोग कर रहे हैं, वे घोषणा पत्र में मीटर का उल्लेख भी करें।

जानकारी के अनुसार, सभी निगमों में कार्यरत 35 हजार इंजीनियर एवं कर्मचारी और 77 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारी बिजली छूट का लाभ उठा रहे हैं।

इनमें लखनऊ के कुल 15 हजार कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अफसर और कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें 10 हजार एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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ये भरवाएंगे घोषणा पत्र

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पावर कॉर्पोरेशन, उत्पादन निगम, जल विद्युत निगम, केस्को, पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल के प्रबंध निदेशकों को एसी सहित अन्य बिजली उपकरणों का घोषणा पत्र भराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने सभी प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे घोषणा पत्र भरवाने के बाद बिजली उपभोग के मद में वेतन एवं पेंशन से कटौती कराना सुनिश्चित करें।

हो सकती है रेंडम चेकिंग
घोषणा पत्र भरवाए जाने के बाद रेंडम चेकिंग कराई जाएगी। एक अधिकारी की मानें तो कर्मियों एवं सेवानिवृत्तों ने घोषणा पत्र में इस्तेमाल होने वाले बिजली उपकरणों की सूचनाएं सही दी या नहीं, इसका खुलासा रेंडम चेकिंग से होगा। यही नहीं, सरकारी कनेक्शन का ये घर में इस्तेमाल कर रहे हैं या दुकान में, इसकी भी पोल खुलेगी।

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