लोहिया में बिजली संकट से मचा हाहाकार, सात एमआरआई, 50 एक्सरे, 100 पैथोलॉजी जांचें टलीं
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लोहिया अस्पताल में अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट से तीसरे दिन बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे तक बिजली संकट रहा। इसके बाद आपूर्ति शुरू की जा सकी। अस्पताल में 17 घंटे तक बिजली संकट के चलते एमआरआई, एक्सरे और पैथोलॉजी की जांचें प्रभावित हुईं। सैकड़ों मरीज बिना जांच के ही लौट गए। इमरजेंसी में आए मरीजों को छोड़कर कई ऑपरेशन टाल दिए गए। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने दावा किया कि जांचें प्रभावित नहीं हुईं।
करीब 400 बेड के लोहिया अस्पताल में मंगलवार को केबल फॉल्ट से बिजली समस्या उत्पन्न हुई थी, जिसे ठीक कर लिया गया था। लेकिन बुधवार रात करीब आठ बजे फिर केबल में खराबी आ गई। इसे बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे के बाद ठीक किया जा सका। इस दौरान सात एमआरआई, 50 एक्सरे और करीब 100 पैथोलॉजी जांचें टालनीं पड़ीं। कई मरीजों के ऑपरेशन तक टाल दिए गए। हालांकि इमरजेंसी मरीजों के ऑपरेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ा था।
बिजली आपूर्ति बाधित...चस्पा किया नोटिस
बृहस्पतिवार को 200 मरीज खून व यूरिन की जांच के लिए सुबह से ही लाइन में लगे थे। इनमें कुछ के नमूने लिए गए, लेकिन बाद में बिजली न आने की आशंका पर नमूना लेना बंद कर दिया गया। एक्सरे, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड केंद्र पर बिजली आपूर्ति बाधित होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। इससे कई मरीज बिना जांच के लौट गए।
मंगाना पड़ा फॉल्ट लोकेटर
अस्पताल में करीब 20 साल पहले अंडरग्राउंड केबल डाला गया था। बुधवार रात आठ बजे केबल में दोबारा फॉल्ट से वार्डों में अंधेरा छा गया। अस्पताल प्रशासन ने जनरेटर से बिजली आपूर्ति शुरू की, लेकिन लोड ज्यादा होने के कारण क्रिटिकल केयर यूनिट, प्रसूता विभाग समेत कई वार्डों के एसी, पंखे बंद कर दिए गए। लोहिया अस्पताल व संस्थान के बीच बिछे भूमिगत केबल में फॉल्ट पकड़ में न आने पर फॉल्ट लोकेटर मंगाया गया। उसके खराबी का पता चला तो फर्श की खोदाई शुरू की गई। रात एक बजे तक खोदाई पूरी नहीं हुई तो जेसीबी मंगाकर रात करीब दो बजे खोदाई पूरी की गई।
अस्पताल में रुटीन जांचें
पैथोलॉजी जांच--300--200
एक्सरे--100--45
अल्ट्रासाउंड--70--30
एमआरआई--10--3