बिजली देने के लिए बदला जाएगा 'पीक ऑवर' फॉर्मूला
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बिजली कंपनियां पीक ऑवर का समय बदलने जा रही हैं। इसके लिए बिजली कंपनियों ने विद्युत नियामक आयोग से इजाजत मांगी है।
बड़े व भारी उद्योगों को इस बार का टैरिफ भी बदले हुए पीक ऑवर के हिसाब से देना होगा। अभी तक सिर्फ गर्मियों में ही पीक ऑवर हुआ करते थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत गर्मियों के साथ ही जाड़े में भी पीक ऑवर तय किए गए हैं।
दरअसल, प्रदेश में बड़े व भारी उद्योगों से बिजली की दरें टाइम ऑफ डे (टीओडी) के हिसाब से वसूली जाती हैं।
इस व्यवस्था के तहत उद्योगों से पीक ऑवर में बिजली की वर्तमान दरों से ज्यादा की वसूली होती है। जबकि रात में इन्हें बिजली के इस्तेमाल पर छूट भी मिलती है।
अभी ऐसे दी जाती है बिजली
वर्तमान व्यवस्था के तहत भारी उद्योगों को रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक बिजली इस्तेमाल करने पर दर में 7.5 प्रतिशत की छूट मिलती हैं। इसी छूट के लालच में भारी उद्योग रात में ही चलने लगे।
अब हालत यह हो गई है कि बिजली की सबसे अधिक मांग रात में तीन बजे हो रही है। जबकि कुछ वर्षों पहले तक शाम के समय ही बिजली की सबसे अधिक मांग होती थी।
इसी को देखते हुए बिजली कंपनियां अब गर्मियों में (अप्रैल से सितंबर) शाम को 7 बजे से सुबह 4 बजे तक पीक ऑवर करने जा रही हैं। ऐसे समय में अगर इंडस्ट्री चलती है तो उन्हें टैरिफ से 15 फीसदी अधिक बिजली के दाम देने पड़ेंगे।
जबकि सुबह चार बजे से दिन में 10 बजे तक बिजली इस्तेमाल करने पर उन्हें उन्हें 7.5 फीसदी की छूट मिलेगी।
अक्टूबर से मार्च का ये होगा शेड्यूल
जाड़े में (अक्टूबर से मार्च) दोपहर एक बजे से रात आठ बजे तक उद्योगों को बिजली इस्तेमाल करने पर 7.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। जाड़े में पीक ऑवर के दो अलग-अलग समय तय किए हैं।
पीक ऑवर एक नजर
वर्तमान व्यवस्था
शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक
प्रस्तावित व्यवस्था
शाम सात बजे से सुबह चार बजे तक (गर्मियों के लिए)
सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक (सर्दियों के लिए)
रात आठ बजे से एक बजे रात तक (सर्दियों के लिए)