फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Potato and banana peels are no longer waste; they can improve your health.

Lucknow News: आलू व केले के छिलके अब कचरा नहीं, इनसे सुधरेगी सेहत

Mon, 06 Oct 2025 02:16 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 02:16 AM IST
विज्ञापन
Potato and banana peels are no longer waste; they can improve your health.
लखनऊ​ विश्वविद्यालय। 
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ने आलू व केले के छिलके, चावल की भूसी और कृषि के क्षेत्र में कचरा समझे जाने वाली अन्य ऐसी चीजों से एक खास तरह का प्रतिरोधी (रेसिस्टेंट) स्टार्च तैयार किया है। यह खास रेसिस्टेंट स्टार्च ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। साथ ही यह हमारी आंतों के लिए फायदेमंद है। ये लंबे समय तक भूख न लगने में भी हमारी मदद करता है।
विज्ञापन

लविवि में वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रदीप कुमार ने अपने शोध के जरिये यह संभव किया है। डाॅ. प्रदीप के शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पहचान मिली है। उनके इस कार्य को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका बायोरिसोर्स टेक्नोलाॅजी के इंपैक्ट फैक्टर में प्रकाशित हुआ है। इस शोध में एंजाइम तकनीक, अल्ट्रासाउंड विधि और थर्मल प्रोसेसिंग जैसी पर्यावरण के अनुकूल (ग्रीन टेक्नोलॉजी) विधियों का इस्तेमाल किया गया है। डॉ. प्रदीप के अनुसार रेसिस्टेंट स्टार्च बनाने की उनकी विधि काफी सरल और किफायती है। इसके प्रयोग से रेसिस्टेंट स्टार्च का उत्पादन करके लोगों के सेहत में सुधार किया जा सकता है। वर्तमान में रेसिस्टेंट स्टार्च बनाने की ज्यादातर तकनीक जटिल और महंगी हैं।
विज्ञापन


--

जानिए, क्या है रेसिस्टेंट स्टार्च

रेसिस्टेंट स्टार्च (प्रतिरोधी स्टार्च) एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है जो छोटी आंत में नहीं पचता है और सीधे बड़ी आंत में चला जाता है। बड़ी आंत के लाभकारी बैक्टीरिया (गुड बैक्टीरिया) के लिए एक प्रीबायोटिक के ताैर पर काम करता है। इससे पेट और पाचन स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसके साथ ही यह ब्लड शुगर का नियंत्रण, बेहतर इंसुलिन संवेदनशीलता और आंत के स्वास्थ्य में सुधार इसके कार्य में शामिल हैं। आलू, हरे केले, फलियों, और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थों में रेसिस्टेंट स्टार्च की मात्रा काफी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


--

ऐसे उन्नत शोध के जरिये यदि खाद्य अपशिष्ट का सही उपयोग किया जाए तो इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ ही सेहत के लिए उपयोगी चीजों निर्माण किया जा सकता है।

-डाॅ. मुकुल श्रीवास्तव, प्रवक्ता, लविवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed