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साइड इफेक्ट से बचाएंगे पोस्ट कोविड केयर सेंटर, मरीजों की होगी पूरी देखभाल
Sat, 17 Oct 2020 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2020 01:33 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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केस-1
राजाजीपुरम के 65 वर्षीय मरीज माहभर पहले कोरोना पॉजिटिव हुए थे। निजी अस्पताल में दस दिन रहने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया गया। तीसरे दिन उन्हें दोबारा सांस लेने में तकलीफ हुई। निजी सेंटर में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन कोरोना से फेफड़े चोक हो जाने के कारण उनकी मौत हो गई।
केस-2
अलीगंज के 70 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव हुए। उन्हें किडनी संबंधित बीमारी भी थी। दस दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, कोरोना से किडनी फेल हो गई। डायलिसिस के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
फेफड़े, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कोरोना मरीज अब नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती होंगे। यहां पोस्ट कोविड केयर सेंटर भी शुरू होंगे। कोरोना को हराने वाले ऐसे मरीजों की पूरी देखभाल होगी। संक्रमण से ठीक होने के बाद भी तीन-चार मरीजों की मौत के मामले सामने आने के बाद शासन ने यह निर्णय लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने सभी नॉन कोविड अस्पतालों को आदेश भेजा है। यहां पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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राजाजीपुरम के 65 वर्षीय मरीज माहभर पहले कोरोना पॉजिटिव हुए थे। निजी अस्पताल में दस दिन रहने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर घर भेज दिया गया। तीसरे दिन उन्हें दोबारा सांस लेने में तकलीफ हुई। निजी सेंटर में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन कोरोना से फेफड़े चोक हो जाने के कारण उनकी मौत हो गई।
केस-2
अलीगंज के 70 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना पॉजिटिव हुए। उन्हें किडनी संबंधित बीमारी भी थी। दस दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, कोरोना से किडनी फेल हो गई। डायलिसिस के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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फेफड़े, किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित कोरोना मरीज अब नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती होंगे। यहां पोस्ट कोविड केयर सेंटर भी शुरू होंगे। कोरोना को हराने वाले ऐसे मरीजों की पूरी देखभाल होगी। संक्रमण से ठीक होने के बाद भी तीन-चार मरीजों की मौत के मामले सामने आने के बाद शासन ने यह निर्णय लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने सभी नॉन कोविड अस्पतालों को आदेश भेजा है। यहां पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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90% से अधिक में कमजोरी
कोविड से जंग जीतने के बाद करीब 90 प्रतिशत से अधिक मरीज कमजोरी व जोड़ों में दर्द की शिकायत कर रहे हैं। अभी तक मरीज घर पर रुककर ही उपचार करते थे। अब वे पोस्ट कोविड केयर सेंटर जाकर अपनी समस्या दूर करवा सकेंगे।
फेफड़े को कितना नुकसान हुआ, जान सकेंगे
कोरोना को हराने के बाद मरीज के फेफड़े पर कितना असर हुआ है, अब इसका पता चल सकेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद सांस लेने में तकलीफ होने पर मरीजों का सीटी स्कैन भी पोस्ट कोविड सेंटर में किया जाएगा। विशेषज्ञ की सलाह पर उन्हें दवा व फेफड़े की कार्यक्षमता बढ़ाने के सुझाव दिए जाएंगे।
फेफड़े को कितना नुकसान हुआ, जान सकेंगे
कोरोना को हराने के बाद मरीज के फेफड़े पर कितना असर हुआ है, अब इसका पता चल सकेगा। रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद सांस लेने में तकलीफ होने पर मरीजों का सीटी स्कैन भी पोस्ट कोविड सेंटर में किया जाएगा। विशेषज्ञ की सलाह पर उन्हें दवा व फेफड़े की कार्यक्षमता बढ़ाने के सुझाव दिए जाएंगे।