स्मार्ट सिटी की परीक्षा में फेल हुए यूपी के 12 शहर
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जारी पहली लिस्ट में यूपी के शहरों के लिए जगह बनाना तो दूर, वे ‘फर्स्ट क्लास’ यानी 60 प्रतिशत अंक भी नहीं पा सके। सूबे के सभी 12 शहर 55 प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू सके।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को सूची से बाहर हुए शहरों के स्कोर जारी किए। इसके अनुसार अलीगढ़, कानपुर, आगरा और लखनऊ ही 50 प्रतिशत से अधिक स्कोर कर पाए। इनमें लखनऊ को 53.24 प्रतिशत मार्क्स मिले हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी 40.21 फीसदी अंक के साथ सूची में 96वें स्थान पर रहा।
नगर आयुक्तों और संबंधित अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा ने विस्तृत रिपोर्ट दो दिन बाद वेबसाइट पर अपलोड कराने और जरूरी बदलाव के बिंदुओं की जानकारी देने की बात कही है।
सूबे के शहरों की रैंक व स्कोर
शहर--रैंक--स्कोर (प्रतिशत)
लखनऊ--29--53.24
आगरा--35--52.69
कानपुर--41--52.00
अलीगढ़--52--50.13
इलाहाबाद--79--45.50
झांसी--82--44.41
मुरादाबाद--86--41.39
गाजियाबाद--87--43.07
बरेली--88--42.68
रामपुर--89--42.67
सहारनपुर--92--42.09
वाराणसी--96--40.21
इसलिए पिछड़े यूपी के शहर
कैबिनेट सचिव के मुताबिक यूपी से मिले प्रपोजलों में आर्थिक निवेश पर जोर नहीं दिया गया। इसके उलट नगर निगमों ने विकास पर आने वाले खर्च पर ही फोकस किया। अपनी क्षमताओं को कैश करने में भी राज्य सरकार और नगर निगम विफल रहे।
पिछड़े शहरों को मिलना चाहिए था मौका
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इलाहाबाद के सचिव नगर विकास एसपी सिंह ने कैबिनेट सचिव से कहा कि चयनित सभी 20 शहर पहले से ही विकसित हैं।
ऐसे में स्मार्ट सिटी में ऐसे शहरों को मौका मिलना चाहिए था जिनको विकास की जरूरत थी। इस पर आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, नागालैंड के मुख्य सचिवों ने भी अपनी सहमति दी।