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पॉलीथिन के इस्तेमाल पर होगी पांच साल की सजा

Thu, 24 Dec 2015 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 24 Dec 2015 02:11 AM IST
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polythene ban to be executed from 21 jan.

सूबे में 21 जनवरी से पॉलीथिन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लग जाएगी। पॉलीथिन का निर्माण, भंडारण, विक्रय और ढुलाई भी अपराध होगा।

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पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए राज्य सरकार ने इस बाबत गजट प्रकाशित कर दिया है। उल्लंघन करने वालों को पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

गजट में कहा गया है कि प्लास्टिक की थैलियां लापरवाही से इधर-उधर फेंक दी जाती हैं, जिससे पर्यावरण पर खराब असर पड़ रहा है। ये थैलियां नालों और सीवरेज में भी रुकावट डालती हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
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इसलिए पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 की धारा 5 के तहत किसी दुकानदार, थोक विक्रेता या खुदरा विक्रेता, फेरी वालों या रेहड़ी वालों समेत कोई भी व्यक्ति किसी भी खाद्य या अखाद्य पदार्थ के भंडारण या वितरण के लिए प्लास्टिक थैलियों का प्रयोग नहीं कर सकेगा। किसी भी तरह की प्लास्टिक थैलियों की बिक्री या भंडारण पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी।
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राज्य की सीमा के भीतर किसी भी तरह की प्लास्टिक की थैलियों के निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री और ढुलाई पर भी पाबंदी लगा दी गई है। इस पाबंदी के दायरे में पॉली प्रोपलीन और न बुने हुए फैब्रिक की प्लास्टिक थैलियां भी शामिल हैं।

इन पर नहीं लागू होगी पाबंदी

polythene ban to be executed from 21 jan.

हालांकि, जैव चिकित्सीय कूड़ा कर्कट (प्रबंधन और संभाल) नियमावली-1998 के तहत होने वाले प्लास्टिक की थैलियों के प्रयोग पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी। यह अधिसूचना 22 दिसंबर को प्रकाशित गजट के तीस दिनों बाद प्रभावी हो जाएगी। यानी, 21 जनवरी के बाद प्रदेश में पॉलीथिन का प्रयोग अपराध होगा।

पॉलीथिन पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 की धारा 19 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें पांच साल की सजा या एक लाख रुपये जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

इन अफसरों पर होगी प्रतिबंध का पालन कराने की जिम्मेदारी

गजट में दी गई व्यवस्था के अनुसार, पॉलीथिन पर पाबंदी की अधिसूचना को लागू करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव की होगी।

इसके अलावा बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता स्तर के अधिकारी, निदेशक पर्यावरण व उनके सहायक निदेशक स्तर के अधिकारी, उप मंडल मजिस्ट्रेट, स्थानीय निकाय व छावनी परिषद के सफाई और खाद्य निरीक्षक व उनसे ऊपर के अधिकारी, विपणन एवं आपूर्ति अधिकारी, निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की ओर से नामित चिकित्सा अधिकारी, श्रम निरीक्षक व उनसे ऊपर के अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी व उनसे ऊपर के अधिकारी को भी अधिसूचना के पालन करवाने की जिम्मेदारी दी गई है।

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